धरती के 100 मंज़िल नीचे — अंधेरी दुनिया का कैदी

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— दुनिया के नीचे एक और दुनिया

तेहसीन मलिक एक 23 वर्षीय geology student था, जिसे पहाड़, मिट्टी और अजीब जगहों की खोज करना बेहद पसंद था।

एक दिन उसे अपने कॉलेज के basement में एक पुरानी डस्ट वाली फाइल मिली, जिस पर लिखा था—

“Project Abyss-100

Do NOT Enter.”

फाइल में 1970 के कुछ फोटो थे — जमीन में एक गहरा, अनंत सा गड्ढा, और सैनिकों की तस्वीरें जो अंदर रस्सी से उतर रहे थे।

आखिरी तस्वीर में सिर्फ एक लाइन थी—

“We found the stairway… going down forever.”

तेहसीन की जिज्ञासा बढ़ी।

वह उसी रात flashlight, rope, camera लेकर उस जगह पहुँचा — शहर के बाहर एक पुरानी, बंद पड़ी खदान।

गड्ढा अभी भी वहीं था।

गहरा… काला… और हिलता हुआ, जैसे भीतर कोई हवा चल रही हो।

तेहसीन एक पल ठहरा, फिर बोला—

“अगर डर ही गया तो जिंदगी में कुछ नहीं कर पाऊँगा।”

और वह कूद गया… रस्सी पकड़कर, अंधेरे में नीचे।

पहला स्तर — मौन की सीढ़ियाँ

लगभग 200 मीटर नीचे पहुँचकर उसने देखा—

एक पतली, पत्थर की बनी हुई spiral staircase… जैसे किसी प्राचीन मंदिर की।

हवा भरी हुई थी मिट्टी और गंधक की बू से।

हर स्टेप पर अजीब-अजीब चिन्ह खुदे थे—

आँखें, सर्प, सूर्य और अजीब आकृतियाँ जो इंसानी नहीं लगती थीं।

तेहसीन ने मोबाइल निकाला—

GPS dead.

Network dead.

Compass भी घूम रहा था, जैसे कोई magnetic force उसे disturb कर रही हो।

फिर भी वह नीचे उतरता गया।

सीढ़ियाँ खत्म ही नहीं हो रही थीं।

20 मिनट…

30 मिनट…

1 घंटा…

तेहसीन काँप गया—

“ये नीचे कितनी जाती हैं?”

अचानक—

उसके पीछे किसी के कदमों की आवाज़ आई।

टिक… टिक… टिक…

तेहसीन पलटकर बोला—

“कौन है?”

अंधेरा सिर्फ अंधेरा ही था।

लेकिन कदमों की आवाज़ बंद हो गई।

तेहसीन समझ गया—

यह एक Echo नहीं, यह किसी जीव की चाल है।

उसने torch तेज की और तेज़ी से नीचे उतरता गया।

दूसरा स्तर — भूली हुई दीवारें

लगभग 2000 सीढ़ियों के बाद सीढ़ियाँ खत्म हुईं।

सामने एक लंबा tunnel था, जिसकी दीवारें चिकनी, गुफ़ा जैसी नहीं—

बल्कि हाथों से तराशी हुई थीं।

जैसे यह किसी ने जानबूझकर बनाया हो।

तेहसीन ने camera चालू किया।

“अगर मैं बाहर निकला तो ये proof बनेगा।”

चलते-चलते उसने देखा—

दीवारों पर अजीब अजीब चित्र बने थे।

एक चित्र में दिखा—

कुछ इंसान जमीन के नीचे ले जाए जा रहे हैं।

दूसरे में—

लोग चीख रहे हैं और अंधेरे में गायब हो रहे हैं।

तीसरे में—

एक विशाल छाया… जैसे कोई underground God।

तेहसीन फुसफुसाया—

“क्या ये किसी प्राचीन सभ्यता का रिकॉर्ड है?”

तभी—

दीवार अचानक कंपकंपाई।

सामने की मिट्टी टूटकर नीचे गिरी…

और एक पुरानी लकड़ी की सीढ़ी दिखाई दी, जो नीचे जाती थी।

लकड़ी इतनी पुरानी कि छूते ही टूटी लगी।

लेकिन नीचे से एक हल्की गर्म हवा आ रही थी।

तेहसीन ने कहा—

“अगर यह सब मानव हाथों की रचना है… तो नीचे कुछ है जरूर।”

और वह उतर गया।

तीसरा स्तर — भूख की गुफ़ा

नीचे आते ही बदबू का झटका लगा—

सड़ी हुई चीज़ों की बदबू।

गुफ़ा बहुत बड़ी थी, और छत पर चमगादड़ जैसे जीव उल्टे लटक रहे थे—

लेकिन वे चमगादड़ नहीं थे।

उनका आकार इंसान जितना था।

वो सो रहे थे।

तेहसीन धीरे-धीरे कदम रखता हुआ आगे बढ़ा।

नीचे जमीन पर हड्डियाँ बिखरी थीं—

जानवरों की भी… और कुछ इंसानों की भी।

तेहसीन का दिल तेज़ हो गया।

“ये जीव इंसानों को खाते हैं?”

उसी समय…

एक पत्थर उसके पैर से टकरा कर दूर गिरा।

आवाज़ टक् की गूँजी।

अचानक सारे जीवों की आँखें खुल गईं—

चमकती लाल आँखें।

तेहसीन का खून जम गया।

“बस… भाग!”

वह ज़ोर से दौड़ा।

उसके पीछे दर्जनों जीव उड़ते हुए चीख रहे थे—

भयानक, तीखी आवाज़ें।

तेहसीन एक संकरे दरवाज़े में घुसा और चट्टान से उसे बंद किया।

चीखें रुक गईं।

उसने गहरी साँस ली—

“ये सिर्फ गुफ़ा नहीं… यह एक अंधी सभ्यता का इलाका है।”चौथा स्तर — 100 मंज़िल का शहर

दरवाज़ा जिस जगह खुला, वह देखकर तेहसीन की आँखें फैल गईं।

वह किसी विशाल भूमिगत शहर में खड़ा था।

मुश्किल से दिखाई देने वाली हल्की नीली रोशनी चलने वाले पत्थरों से निकल रही थी।

हवा भारी थी लेकिन साँस लेने लायक।

सामने दूर तक फैली हुई 100-100 मीटर लंबी इमारतें थीं—

और सभी नीचे की ओर जाती थीं, ऊपर नहीं।

जैसे यह शहर ऊपर नहीं नीचे बढ़ा था।

100 स्तर, एक-दूसरे के नीचे स्थित।

“यानी Project Abyss-100… सच था।”

तेहसीन ने फुसफुसाया।

धीरे-धीरे वह नीचे वाले स्तर की ओर जाने लगा।

लेकिन हर स्तर पर उसे कुछ और अजीब मिला—

Level 5: पुरानी मशीनें

Level 18: इंसानी कपड़े

Level 33: बिखरे बर्तन और खाने के डिब्बे

Level 61: इंसानों के footprints

Level 72: टूटे diary pages

तेहसीन ने diary उठाई।

उसमें लिखा था—

“हम अंधेरे की जाति को नहीं रोक पाए…

उन्होंने हम सबको पकड़ लिया।

अगर कोई यह पढ़े, तो वापस लौट जाए।”

तेहसीन काँप गया।

इस जगह पर पहले भी लोग आए थे…

और शायद ज़िंदा न लौटे।

पैंतीसवां स्तर — चलते हुए साए

तेहसीन आगे बढ़ने ही वाला था कि उसके पीछे किसी के चलने की आवाज़ आई।

धीमे… खुरदरे कदम।

तेहसीन मुड़ा।

सामने तीन काले साए खड़े थे।

लंबे, बिना चेहरे वाले…

और धीरे-धीरे उसकी ओर बढ़ रहे थे।

तेहसीन ने flashlight मारी—

और वे अचानक धुआँ बनकर गायब हो गए।

लेकिन दो सेकंड बाद…

उसके बिल्कुल पास खड़े थे।

तेहसीन का दिमाग काम कर गया—

“ये रोशनी में मरते नहीं… पर छाया में बहुत तेज़ हो जाते हैं।”

वह भागा।

ऊपर मौका नहीं, नीचे मौका नहीं—

उसने दाईं ओर एक दरार देखी और उसमें कूद गया।

साए चीखते हुए किनारे पर रुक गए—

वो दरार में नहीं घुस सकते थे।

तेहसीन ने राहत की साँस ली—

“मैंने उन्हें चकमा दे दिया… लेकिन कितनी देर?”

आखिरी स्तर — Abyss Core

दरार के अंदर एक अजीब कमरा था—

बीच में एक glowing पत्थर…

जैसे ऊर्जा का दिल।

इस पर लिखा था—

“Core of the Abyss

Do not touch.”

तेहसीन ने अपने दिमाग में गणना की—

“अगर मैं इस core को activate कर दूँ, तो शायद ऊपर की सारी सीढ़ियाँ चालू हो जाएँ… मैं निकल सकता हूँ।”

लेकिन तब ही…

कमरे की दीवारें हिलने लगीं।

जमीन फटने लगी।

छाया-जैसी सभ्यता के जीव अंदर घुसने की कोशिश करने लगे।

तेहसीन ने चीखकर कहा—

“अब एक ही रास्ता है!”

उसने Core पर हाथ मारा।

पूरे कमरे में तेज सफेद रोशनी भर गई।

इतनी कि आँखें जलने लगीं।

एक भयानक विस्फोट हुआ—

और सब कुछ गायब हो गया।

समापन — नया जन्म

तेहसीन ने अपनी आँखें खोलीं।

वह अपने शहर की सड़क पर पड़ा था।

उसके कपड़े फटे हुए थे…

हाथों पर मिट्टी और पत्थर चिपके थे।

और उसके पास वही diary पड़ी थी जो उसने नीचे पाई थी।

उसने आसमान की ओर देखा और बोला—

“मैं नीचे की दुनिया से लौट आया…

लेकिन वो शहर अब भी जीवित है।”

कहानी खत्म होती है—

पर Somewhere…

धरती के नीचे…

एक और आवाज़ गूँज रही थी—

“और कोई ऊपर नहीं लौटेगा…

Abyss का बदला

तेहसीन को लगा कि वह सच में मर चुका है।

सड़क पर लेटा हुआ आसमान को घूरता रहा… और उसका दिमाग बस एक ही शब्द दोहरा रहा था—

“मैं बच गया… लेकिन कैसे?”

लेकिन असली सवाल कुछ और था—

क्या वो Core सच में फटा था?

या उसने उसे किसी और जगह फेंक दिया था?

तेहसीन खड़ा होने ही वाला था कि उसे अपने हाथ पर एक अजीब, काला निशान दिखाई दिया।

वह कोई चोट नहीं थी, बल्कि चमकती हुई पतली नसें… जैसे किसी underground ऊर्जा ने उसे छू लिया हो।

तेहसीन डर गया।

“ये क्या है? यह निशान पहले नहीं था…”

अचानक उसे diary याद आई।

उसने उसे खोला, और उसके एक पन्ने में नई लाइन लिखी हुई मिली—

“He carries the mark.

The Abyss has chosen him.”

तेहसीन की धड़कन जम गई।

“ये पन्ना… मैंने कभी नहीं देखा था। अपने आप कैसे लिखा?”

उसने आसपास देखा—

हर चीज़ सामान्य थी… लोग चल रहे थे, ट्रैफिक, दुकानें… जीवन बिल्कुल वैसा ही।

लेकिन तभी—

आसमान अचानक हल्का नीला हो गया।

वैसा ही नीला… जैसा Abyss के शहर में चमकता था।

तेहसीन डर गया।

“नहीं… ये सिर्फ मेरी आँखों का वहम नहीं हो सकता।”

उसी समय उसके पीछे से किसी ने फुसफुसाया—

“वापस चलो…”

तेहसीन ने पलटकर देखा—

कोई नहीं था।

लेकिन आवाज़ इतनी साफ थी कि उसकी रीढ़ में ठंड उतर गई।

निशान की शक्ति

शाम तक निशान और बड़ा हो गया।

उससे हल्की गर्म रोशनी निकलती थी।

उसने Google में symptoms, skin infection, radiation burns—सब खोजा।

लेकिन यह निशान किसी science में explain नहीं होता था।

रात को जब उसने हाथ पानी में डालकर देखा—

पानी उसके निशान को छूते ही भाप बनने लगा।

तेहसीन चौंका—

“क्या… ये गर्मी पैदा कर सकता है?”

उसने कमरे की लाइट बंद की—

निशान नीले रंग में चमक उठा।

तेहसीन को अचानक Core याद आया…

उसका फटना… और उसका उस explosion के बीच में होना।

“क्या Core की energy मेरे अंदर आ गई है?”

उसी पल—

उसके कमरे का बल्ब अपने आप फट गया।

और अंधेरे में उसे फिर वही आवाज़ सुनाई दी—

“नीचे वापसी अनिवार्य है…”

तेहसीन इस बार डर नहीं पाया—

क्योंकि उसे महसूस हुआ…

अंधेरा उसकी ओर बढ़ रहा है।

साए का आगमन

अगली रात।

तेहसीन सोने ही वाला था कि दरवाज़े पर खरोंच की आवाज़ आने लगी।

धीमी… लगातार… जैसे कोई नुकीली चीज़ लकड़ी को काट रही हो।

खच्… खच्… खच्…

तेहसीन ने पूछा—

“कौन है?”

कोई जवाब नहीं।

उसे दिल से पता था—

ये इंसान नहीं है।

उसने धीरे से दरवाज़ा खोला।

दरवाज़े के सामने कोई नहीं था।

लेकिन जमीन पर… तीन काले पैरों के निशान बने थे।

उसी तरह के जैसा वह 35वें स्तर पर देखा था।

सबसे डरावनी बात—

ये निशान घर के अंदर की ओर जा रहे थे।

तेहसीन के अंदर कुछ टूट गया।

“वो… ऊपर आ गए हैं?”

उसी समय उसके पीछे अचानक एक लंबी काली परछाई खड़ी हो गई।

तेहसीन मुड़ा—

और उसकी रीढ़ जम गई।

वह वही Shadow Creature था।

चेहरा नहीं, बस धुआँ सा शरीर… और चमकती हुई दो आँखें।

लेकिन इस बार— वो तेहसीन पर हमला नहीं कर रहा था।

वह झुक गया।

हाँ—

वह तेहसीन के सामने झुक गया।

और बोला—

“तुम हमारे चिह्न के वाहक हो। नीचे का द्वार तुम्हारे लिए खुल गया है।”

तेहसीन काँप गया, पर creature ने आगे कहा—

“Abyss तुम्हें बुला रहा है।

हमारे बिना कोई वापस नहीं लौटता।

लेकिन तुम… चुने गए हो।”

तेहसीन चीख पड़ा—

“मैं नीचे नहीं जा रहा! कभी नहीं!”

Creature ने गर्दन मोड़ी और बोला—

“तो ऊपर की दुनिया को नीचे खींच लिया जाएगा।”

और वह गायब हो गया।

सिर्फ एक चीज़ पीछे छोड़कर—

एक पुराना rusted metal card।

जिस पर सिर्फ तीन words लिखे थे—

“Abyss Gate – Midnight”

फिर से वापसी

तेहसीन ने वह card कई बार फेंकना चाहा।

लेकिन वह हर बार उसके हाथ में वापस मिल जाता था।

जैसे वो card उसी का हिस्सा बन चुका हो।

आधी रात करीब थी।

निशान इतना चमकने लगा कि कमरे की दीवारें नीली दिखने लगीं।

तेहसीन समझ गया—

“अगर मैं नहीं गया… तो वे यहाँ आएंगे।

सबको मार देंगे।”

उसे अपनी मौत से नहीं, दूसरों की मौत से डर लगा।

एक आखिरी बार उसने diary खोली।

अब उसके पन्ने लगातार अपने आप लिख रहे थे—

“The Abyss remembers you.”

“The Core is incomplete.”

“You must return.”

तेहसीन ने गहरी साँस ली।

उसने torch, फोन, कैमरा लिया—

लेकिन जैसे ही घर से बाहर निकला—

उसके हाथ का निशान जमीन पर नीली रोशनी डालने लगा।

और…

जिस सड़क पर वह चला—

वही सड़क नीचे धंसने लगी।

जैसे जमीन खुद रास्ता बना रही हो।

तेहसीन समझ गया—

Abyss ने उसे ऊपर से नहीं बुलाया…

Abyss उसे वापस खींच रहा था।

100 मंज़िल की वापसी

वह उसी खदान के पास पहुँचा।

पर इस बार गड्ढा वैसा नहीं था।

अब यह चमक रहा था—

जैसे अंदर से शहर खुद सांस ले रहा हो।

तेहसीन बोला—

“मैं वापस आ गया हूँ… लेकिन इस बार मैं तुम्हारा कैदी नहीं बनूँगा।”

जैसे ही उसने कदम अंदर रखा—

सीढ़ियाँ अपने आप जगमगाने लगीं।

हर स्तर, जहाँ वह पहले गया था—

अब बदल चुका था।

Level 33 पर अब बर्तन नहीं थे—

वहाँ इंसानों की परछाइयाँ घूम रही थीं।

Level 61 पर footprints अब धुएँ में बदल चुके थे।

Level 72 पर diary के torn pages हवा में उड़ रहे थे…

जैसे वह उसे पहचानकर बुला रहे हों।

हर आवाज़, हर साया—

आज केवल एक ही नाम पुकार रहा था—

“तेहसीन…”

Abyss का सच

सबसे नीचे—

Abyss Core का कमरा फिर चमक रहा था।

लेकिन Core टूटा हुआ नहीं था।

वह फिर से पूरा दिख रहा था।

तेहसीन ने चौंककर कहा—

“लेकिन… मैंने इसे तोड़ दिया था!”

एक भारी आवाज़ कमरे में गूँजी—

“तुमने इसे जगाया था, नष्ट नहीं किया।”

चट्टानों के पीछे से

एक विशाल छाया उभरी।

वह इंसान नहीं था। वह दानव नहीं था। वह जीव भी नहीं था।

वह खुद Abyss का राजा था— The Deep Sovereign.

उसका शरीर धुएँ, छाया और ऊर्जा का मिश्रण था।

वह बोला—

“हमारा शहर मर रहा था।

Core कमजोर हो गया था।

हमें ऊपर की दुनिया की ऊर्जा चाहिए थी।”

तेहसीन चीखा—

“मुझे क्यों चुना?!”

राजा बोला—

“क्योंकि तुम नीचे से जीवित लौटने वाले पहले मानव हो।

तुम्हारे अंदर अब दोनों दुनिया की ऊर्जा है।

तुम ही Core को पूरा कर सकते हो।”

तेहसीन समझ गया।

वह उन्हें शक्ति देने के लिए चुना गया था…

क़ैदी नहीं, ईंधन की तरह।

तेहसीन पीछे हटते हुए बोला—

“मैं तुम्हारी दुनिया को revive नहीं करूँगा!”

राजा गरजा—

“तब हम ऊपर की दुनिया को निगल लेंगे!”

अंतिम निर्णय

निशान और तेज चमकने लगा।

तेहसीन को महसूस हुआ कि वह Core से जुड़ रहा है।

अगर वह पास गया—

उसकी सारी ऊर्जा उन्हीं में समा जाएगी।

अगर उसने विरोध किया—

ऊपर की दुनिया खतरे में पड़ेगी।

तेहसीन ने एक पल सोचा।

फिर उसने कुछ ऐसा किया

जिसकी उम्मीद Abyss ने कभी नहीं की थी।

उसने अपना हाथ Core पर नहीं रखा।

बल्कि उसने अपनी पूरी ऊर्जा का उल्टा प्रवाह Core में धकेल दिया।

Abyss राजा चिल्लाया—

“नहीं!! ऊर्जा उलटी न करो! Core फट जाएगा!”

तेहसीन ने चीखकर कहा—

“तुम्हारी दुनिया नहीं बचेगी…

लेकिन मेरी दुनिया ज़िंदा रहेगी!”

एक भयानक विस्फोट हुआ—

सफेद रोशनी…

धरती हिलती हुई…

और फिर…

सब शांत।

समाप्ति — या शुरुआत?

तेहसीन ने आँखें खोलीं।

वह फिर से खदान के बाहर पड़ा था—

लेकिन निशान… गायब था।

कोई आवाज़ नहीं।

कोई छाया नहीं।

Abyss… शायद सच में खत्म हो गया था।

लेकिन जैसे ही वह उठा—

उसे अपनी जेब में एक पुरानी धातु की प्लेट मिली।

उस पर नए शब्द खुदे थे—

“Abyss-101

The Next Gate.”

तेहसीन घबरा गया।

Abyss नष्ट नहीं हुआ था—

वह फैल गया था।

और अब अगला द्वार…

उसके लिए इंतजार कर रहा था।

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