कर्म का चक्रव्यूह Part 1
सड़क के किनारे लगी उस चमचमाती हुई कॉफी शॉप में युवाओं की भीड़ हमेशा बनी रहती थी। हवा में भुने हुए कॉफी बीन्स की महक और गिटार की धीमी धुन घुली हुई थी, जो वहां के माहौल को और भी खुशनुमा बना देती थी।
इसी कैफे के एक कोने वाले टेबल पर तीन दोस्त बैठे थे, जिनकी दुनिया एक-दूसरे से पूरी तरह जुड़ी हुई थी, लेकिन उनके इरादे और सोच एक-दूसरे से कोसों दूर थे। कार्तिक अपनी महंगी घड़ी को बार-बार देखते हुए लैपटॉप पर कुछ टाइप कर रहा था।
उसके चेहरे पर एक अजीब सा घमंड और आत्मविश्वास था, जो अक्सर उन लोगों में होता है जिन्हें लगता है कि वे पैसे और चालाकी से कुछ भी हासिल कर सकते हैं। उसके ठीक सामने नायरा बैठी थी, जो सोशल मीडिया पर अपनी नई रील के लाइक्स गिनने में व्यस्त थी।
नायरा इस डिजिटल जमाने की वो लड़की थी जिसे हर चीज़ में तुरंत फेम और अटेंशन चाहिए था। और इन दोनों के बीच बैठा था अभीर, जो स्वभाव से बेहद शांत, सीधा और दूसरों की मदद करने वाला लड़का था। अभीर के लिए रिश्ते और कर्म ही सब कुछ थे, जबकि कार्तिक और नायरा के लिए जिंदगी एक ऐसा खेल थी जहां सिर्फ खुद का फायदा देखा जाता है।
“यार कार्तिक, तूने वो नया प्रोजेक्ट कैसे हासिल कर लिया? वो तो अभीर का आइडिया था ना?” नायरा ने अपने फोन से नजरें हटाए बिना, बेहद कैजुअल अंदाज में पूछा। उसके पूछने के तरीके में कोई शिकायत नहीं थी, बल्कि एक तरह की उत्सुकता थी। कार्तिक ने मुस्कुराते हुए अपनी कॉफी का घूंट लिया और अभीर की तरफ देखा, जो चुपचाप अपनी डायरी में कुछ लिख रहा था।
कार्तिक ने बड़े गर्व से कहा, “बिजनेस में आइडिया किसका है, यह मायने नहीं रखता नायरा। मायने यह रखता है कि उसे पहले प्रेजेंट किसने किया। अभीर तो बस सोचता रह जाता, मैंने उसे हकीकत में बदल दिया। क्यों अभीर, तुझे कोई बुरा तो नहीं लगा ना?”
अभीर ने मुस्कुराकर अपनी डायरी बंद की और कहा, “नहीं भाई, तूने मेहनत की तो तुझे मिला। बस मुझे खुशी है कि हमारा कॉन्सेप्ट काम आया। वैसे भी, जो मेरा है वो मुझे मिलकर रहेगा, और जो तेरा है वो तेरे पास चला गया।” अभीर की इस सादगी और भोलेपन का कार्तिक और नायरा हमेशा फायदा उठाते थे। कार्तिक को लगता था कि अभीर एक सीधा-साधा बेवकूफ है जिसे आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है।
दरअसल, इन तीनों के बीच सिर्फ काम का ही रिश्ता नहीं था, बल्कि एक अजीब सा ‘जेन-जी’ लव ट्रायंगल भी चल रहा था। कार्तिक और नायरा एक-दूसरे की तरफ आकर्षित थे क्योंकि दोनों को ही दिखावा, पैसा और सोशल स्टेटस पसंद था। लेकिन नायरा के मन में अभीर के लिए भी एक अलग जगह थी। जब भी वह परेशान होती या उसे सच्चे सहारे की जरूरत होती, वह अभीर के पास जाती थी, क्योंकि अभीर उसे बिना किसी शर्त के सुनता था और उसकी परवाह करता था।
कार्तिक इस बात को अच्छी तरह जानता था और उसे अभीर से एक तरह की जलन थी। कार्तिक चाहता था कि नायरा पूरी तरह से उसकी हो जाए, और इसके लिए उसने एक बहुत ही गंदी योजना बनाई थी। उसने नायरा को एक बड़े म्यूज़िक वीडियो में लीड रोल दिलाने का वादा किया था, जो वास्तव में अभीर के एक क्लाइंट का प्रोजेक्ट था। कार्तिक ने अभीर के लैपटॉप से चुपके से उस क्लाइंट की डिटेल्स और पूरा कॉन्ट्रैक्ट चुरा लिया था और उसे अपने नाम से रजिस्टर करवा लिया था।
एक शाम, जब बारिश बहुत तेज हो रही थी, नायरा ने अभीर को फोन किया। उसकी आवाज में घबराहट थी। उसने कहा, “अभीर, मैं बहुत बड़ी मुसीबत में हूँ। मेरी गाड़ी बीच रास्ते में खराब हो गई है और यहाँ आस-पास कोई नहीं है। कार्तिक का फोन नॉट रीचेबल आ रहा है। प्लीज क्या तुम आ सकते हो?” अभीर ने बिना एक पल गंवाए अपनी बाइक उठाई और भारी बारिश में नायरा की मदद के लिए निकल पड़ा। रास्ते में उसकी बाइक भी फिसल गई, उसके घुटने में चोट आई, लेकिन उसने परवाह नहीं की।
जब वह नायरा के पास पहुँचा, तो उसने देखा कि नायरा डर से कांप रही थी। अभीर ने उसे अपनी जैकेट दी, उसकी गाड़ी को ठीक करने की कोशिश की और जब गाड़ी ठीक नहीं हुई, तो उसने एक मैकेनिक को बुलाकर अपनी जेब से पैसे दिए और नायरा को सुरक्षित उसके घर छोड़ा। नायरा ने उसकी आँखों में अपने लिए वो सच्चा प्यार और फिक्र देखी जो कार्तिक की आँखों में कभी नहीं दिखती थी। उसने अभीर का हाथ पकड़कर कहा, “थैंक यू अभीर, तुम सच में बहुत अच्छे हो। काश हर कोई तुम्हारी तरह होता।”
लेकिन इंसान की फितरत बड़ी अजीब होती है। अगले ही दिन जब कार्तिक ने नायरा को उस बड़े प्रोजेक्ट के पेपर्स दिखाए और कहा कि उसने उसे इस वीडियो का स्टार बना दिया है, तो नायरा अभीर की उस रात की सारी कुर्बानी और अच्छाई भूल गई। कार्तिक ने नायरा से कहा, “देख नायरा, अगर तुम्हें लाइफ में आगे बढ़ना है तो तुम्हें अभीर जैसे इमोशनल और स्लो लोगों का साथ छोड़ना होगा।
वह तुम्हें कभी ये लग्जरी लाइफ नहीं दे पाएगा। मैंने यह प्रोजेक्ट सिर्फ तुम्हारे लिए अपनी जान लगाकर छीना है।” नायरा ने कार्तिक के गले लगते हुए कहा, “तुम सही कह रहे हो कार्तिक। अभीर अच्छा दोस्त है, लेकिन करियर और फ्यूचर तो तुम्हारे साथ ही है।” इन दोनों ने मिलकर अभीर को पूरी तरह से इग्नोर करना शुरू कर दिया। कार्तिक ने अभीर की कंपनी के बोर्ड मेंबर्स से झूठ बोला कि अभीर कंपनी का डेटा लीक कर रहा है, जिसकी वजह से अभीर को उस कंपनी से निकाल दिया गया जिसे उसने अपनी मेहनत से खड़ा किया था।
अभीर को जब इस धोखे का पता चला, तो उसका दिल टूट गया। उसने कार्तिक और नायरा से बात करने की कोशिश की, लेकिन कार्तिक ने उसे सिक्योरिटी से बाहर फिकवा दिया और नायरा ने उसका फोन ब्लॉक कर दिया। अभीर ने उस दिन रोते हुए आसमान की तरफ देखा और कहा, “मैंने कभी किसी का बुरा नहीं चाहा। अगर मेरा कर्म सच्चा है, तो न्याय जरूर होगा।”
कर्म का चक्रव्यूह Part 2

समय का पहिया कभी एक जैसा नहीं रहता। दो साल बीत चुके थे और इन दो सालों में बहुत कुछ बदल गया था। कार्तिक और नायरा की बनाई हुई नई कंपनी शुरुआत में तो बहुत तेजी से ऊपर गई, लेकिन जैसे कहते हैं कि झूठ की बुनियाद पर बना महल ज्यादा दिन नहीं टिकता, वही हुआ। कार्तिक की लालच बढ़ती ही जा रही थी। उसने कई क्लाइंट्स के साथ धोखाधड़ी की और टैक्स चोरी के मामलों में फंस गया।
उधर नायरा, जिसे लगता था कि वह कार्तिक के दम पर सुपरस्टार बन जाएगी, उसे समझ आने लगा था कि कार्तिक सिर्फ उसका इस्तेमाल अपने सोशल स्टेटस को बढ़ाने के लिए कर रहा था। कार्तिक का व्यवहार अब नायरा के प्रति बेहद हिंसक और अपमानजनक हो चुका था। वह उसे बात-बात पर नीचा दिखाता था। इसी बीच, कार्तिक ने एक बहुत बड़े विदेशी इन्वेस्टर के साथ एक डील साइन की, जिसमें उसने अपनी पूरी कंपनी की संपत्ति और यहाँ तक कि अपने घर को भी दांव पर लगा दिया था। उसे पूरा यकीन था कि इस डील से वह अरबपति बन जाएगा।
उसी शहर के दूसरे कोने में, अभीर ने एक छोटी सी शुरुआत की थी। कंपनी से निकाले जाने के बाद उसने हिम्मत नहीं हारी। उसने ‘कर्म’ नाम से एक एनजीओ और एक छोटा सा स्टार्टअप शुरू किया जो गरीब बच्चों की शिक्षा और युवाओं को सही रास्ते पर लाने का काम करता था। उसकी ईमानदारी और मेहनत रंग लाई।
एक दिन, एक बहुत बड़े बिजनेसमैन ने अभीर के काम से प्रभावित होकर उसके स्टार्टअप में करोड़ों का इन्वेस्टमेंट किया। अभीर अब शहर का एक सम्मानित और सफल एंटरप्रेन्योर बन चुका था, लेकिन उसके पैर आज भी जमीन पर थे। वह आज भी उसी सादगी से जीता था और लोगों की मदद करता था। उसे कार्तिक और नायरा की हरकतों की खबर मिलती रहती थी, लेकिन उसने कभी उनसे बदला लेने की नहीं सोची। उसका मानना था कि सजा देने का काम उसका नहीं, बल्कि वक्त का है।
तभी वो दिन आया जब किस्मत ने अपना आखिरी और सबसे बड़ा दांव खेला। कार्तिक ने जिस विदेशी इन्वेस्टर के साथ डील की थी, वह दरअसल एक बहुत बड़ा फ्रॉड निकला। उसने कार्तिक की कंपनी के सारे शेयर्स और प्रॉपर्टी के पेपर्स पर धोखे से दस्तखत करवा लिए और रातों-रात गायब हो गया। कार्तिक पूरी तरह से सड़क पर आ गया।
बैंक ने उसके घर और गाड़ी को सील करने का नोटिस भेज दिया। जब कार्तिक ने इस मुसीबत में अपने उन दोस्तों और क्लाइंट्स से मदद मांगी जिन्हें वह अपनी पार्टी में बुलाता था, तो सबने अपने दरवाजे बंद कर लिए। यहाँ तक कि नायरा ने भी, जब देखा कि कार्तिक अब बर्बाद हो चुका है और पुलिस उसे कभी भी गिरफ्तार कर सकती है, उसका साथ छोड़ दिया। नायरा अपने बचे-कुचे सामान के साथ कार्तिक के घर से निकल गई, लेकिन कर्मा का इंसाफ अभी बाकी था।
नायरा जब अपनी गाड़ी से जा रही थी, तो रास्ते में उसकी गाड़ी का बहुत भयानक एक्सीडेंट हो गया। उसकी गाड़ी एक ट्रक से टकरा गई। वह खून से लथपथ गाड़ी के अंदर फंसी हुई थी। सड़क पर कई लोग खड़े होकर तमाशा देख रहे थे, कुछ लोग अपने फोन से वीडियो बना रहे थे—ठीक वैसे ही जैसे नायरा दूसरों की रील्स बनाया करती थी। कोई भी उसकी मदद के लिए आगे नहीं आ रहा था।
तभी वहाँ से एक बड़ी गाड़ी गुजरी। गाड़ी में बैठे शख्स ने जैसे ही भीड़ देखी, उसने तुरंत गाड़ी रुकवाई। वह शख्स कोई और नहीं, बल्कि अभीर था। अभीर ने बिना एक पल गंवाए अपनी महंगी गाड़ी से उतरा, लोगों को हटाया और अपनी जान जोखिम में डालकर नायरा को गाड़ी के मलबे से बाहर निकाला। उसने तुरंत अपनी गाड़ी की सीट पर नायरा को लेटाया।
नायरा की आँखें थोड़ी सी खुलीं, उसने धुंधली नजरों से अभीर को देखा। उसकी आँखों से आंसू बहने लगे। उसने कांपती आवाज में कहा, “अभीर… तुम? मैंने तुम्हारे साथ इतना बुरा किया… फिर भी तुम?” अभीर ने उसका हाथ थामा और कहा, “चुप रहो नायरा, इस वक्त तुम्हारी जान ज्यादा जरूरी है। पुरानी बातें भूल जाओ।”
अभीर ने नायरा को शहर के सबसे बड़े अस्पताल में भर्ती कराया और उसके इलाज का सारा खर्चा खुद उठाया। डॉक्टरों ने कहा कि अगर पाँच मिनट की भी देरी होती, तो नायरा की जान नहीं बचती। अगले दिन, जब नायरा को होश आया, तो उसने देखा कि अभीर उसके बेड के पास बैठा था। तभी वहाँ पुलिस आई। पुलिस के साथ कोई और नहीं, बल्कि कार्तिक था, जो हथकड़ियों में जकड़ा हुआ था।
कार्तिक को पुलिस ने धोखाधड़ी और नायरा के एक्सीडेंट के बाद उसे अकेला छोड़ने के आरोप में (क्योंकि एक्सीडेंट के वक्त कार्तिक भी वहीं आस-पास था और उसने मदद करने के बजाय भागना ठीक समझा था) गिरफ्तार किया था।
कार्तिक ने अभीर को देखा, तो शर्म से उसका सिर झुक गया। उसने रोते हुए कहा, “अभीर, मुझे माफ कर देना। मैंने तेरा सब कुछ छीन लिया था, तेरी मेहनत, तेरा प्यार, तेरी इज्जत। और आज देख, मेरे पास कुछ नहीं बचा। कर्मा ने मुझे मेरे ही जाल में फंसा दिया।”
अभीर उठा, उसने कार्तिक के कंधे पर हाथ रखा और बेहद शांत आवाज में कहा, “कार्तिक, मैंने तुमसे कभी नफरत नहीं की। तुमने जो बोया था, वही काटा है। जब तुम दूसरों के पैर खींच रहे थे, तब तुम भूल गए थे कि ऊपर वाला सब देख रहा है। आज तुम जहाँ हो, वह तुम्हारे अपने फैसलों का नतीजा है।” नायरा ने रोते हुए अभीर से कहा, “अभीर, क्या तुम मुझे कभी माफ कर पाओगे?
मैं तुम्हारे प्यार और तुम्हारी अच्छाई के काबिल नहीं थी। मैंने पैसे और शोहरत के लिए उस इंसान का साथ दिया जिसने मुझे ही बर्बाद कर दिया।” अभीर ने एक गहरी सांस ली, खिड़की के बाहर देखा जहाँ सूरज उग रहा था, और कहा, “नायरा, जिंदगी में हर किसी को अपने कर्मों का हिसाब देना होता है। तुमने अपनी गलती मान ली, यही तुम्हारी सबसे बड़ी सीख है। मैं तुम्हें माफ करता हूँ, लेकिन अब हमारी राहें अलग हैं। तुम दोनों को अपनी जिंदगी नए सिरे से, ईमानदारी से शुरू करनी होगी।”
कार्तिक को पुलिस ले गई, और नायरा अस्पताल के बिस्तर पर बैठकर रोती रही, लेकिन इस बार उसके आंसू पछतावे के थे। अभीर अस्पताल से बाहर निकला, उसने ताजी हवा में सांस ली। उसने महसूस किया कि कर्म का न्याय भले ही देर से आता है,
लेकिन वह इतना सटीक और मुकम्मल होता है कि इंसान को उसकी औकात और जिंदगी का असली मतलब एक झटके में समझा देता है। लालच, धोखा और घमंड का अंत हमेशा अंधकार में होता है, जबकि सच्चाई, त्याग और अच्छाई की लौ कभी नहीं बुझती।
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प्रस्तुति: Saying Central Team