अंधेर — मुंशी प्रेमचंद

अंधेर

अंधेर — मुंशी प्रेमचंद नागपंचमी का दिन था। साठे गाँव में सुबह से ही उत्साह और उमंग का माहौल था। जवान लड़के रंग-बिरंगे जांघिए पहनकर अखाड़े की ओर जा रहे थे। ढोल की तेज आवाजें पूरे गाँव में गूँज रही थीं। औरतें घरों को गोबर से लीपकर पूजा की तैयारी कर रही थीं और गीत … Read more