हितोपदेश की कहानियाँ
हितोपदेश भारतीय जनजीवन, संस्कृति और नैतिक मूल्यों से प्रेरित एक प्रसिद्ध नीति-कथा ग्रंथ है। इसकी रचना महान विद्वान पंडित नारायण ने की थी।
हितोपदेश भारतीय जनजीवन, संस्कृति और नैतिक मूल्यों से प्रेरित एक प्रसिद्ध नीति-कथा ग्रंथ है। इसकी रचना महान विद्वान पंडित नारायण ने की थी।
मृग, काक और गीदड़ की कहानी हितोपदेश : मगध देश में चंपकवती नाम का एक विशाल और सुंदर वन था। उस वन में एक हिरण और एक बुद्धिमान कौआ बहुत समय से गहरी मित्रता के साथ रहते थे। दोनों एक-दूसरे पर पूरा विश्वास करते थे और सुख-दुख में साथ निभाते थे। एक दिन उसी वन … Read more
एक बनिया, बैल, सिंह और गीदड़ों की कहानी हितोपदेश : दक्षिण दिशा में सुवर्णवती नाम की एक समृद्ध नगरी थी। उस नगर में वर्धमान नाम का एक धनी बनिया रहता था। उसके पास पहले से ही बहुत धन-संपत्ति थी, लेकिन जब वह अपने अन्य संबंधियों और व्यापारियों को स्वयं से अधिक धनी देखता, तो उसके … Read more
बंदर, घंटा और कराला कुटनी की कहानी हितोपदेश सुहृद्भेद : बहुत समय पहले श्रीपर्वत नामक एक ऊँचे और रमणीय पर्वत के मध्य ब्रह्मपुर नाम का एक समृद्ध नगर बसा हुआ था। नगर चारों ओर से घने जंगलों और ऊँची पहाड़ियों से घिरा हुआ था। उसी पर्वत की एक ऊँची चोटी पर एक पुराना मंदिर और … Read more
पक्षी और बंदरों की कहानी हितोपदेश: नर्मदा नदी के तट पर एक बहुत बड़ा और घना सेमर का वृक्ष था। उसकी फैली हुई शाखाओं पर अनेक पक्षी अपने-अपने घोंसले बनाकर सुखपूर्वक रहते थे। वे छोटे-छोटे तिनकों को अपनी चोंच से लाकर बड़ी मेहनत से सुंदर घोंसले तैयार करते और उनमें सुरक्षित जीवन बिताते थे। एक … Read more
नील से रंगे हुए गीदड़ की कहानी हितोपदेश : बहुत समय पहले एक घने वन में एक गीदड़ रहता था। वह अत्यंत चालाक था, लेकिन भोजन की तलाश में अक्सर जंगल छोड़कर नगर के आसपास भटकने चला जाता था। एक रात भोजन की खोज में घूमते-घूमते वह नगर के भीतर जा पहुँचा। वहाँ कुत्तों ने … Read more