ज़हरीले प्रेम की इबारत

ज़हरीले प्रेम की इबारत

ज़हरीले प्रेम की इबारत part 1 दिल्ली की उमस भरी शाम में रिया अपनी बालकनी में खड़ी होकर नीचे सड़क पर दौड़ती लाल-पीली बत्तियों को देख रही थी। उसके हाथ में कॉफी का मग था, लेकिन वह कब की ठंडी हो चुकी थी, बिल्कुल उसके और राघव के उस रिश्ते की तरह जो अब सिर्फ … Read more

टूटा हुआ आईना

टूटा हुआ आईना

टूटा हुआ आईना Part-1 बनारस की तंग गलियों के बीच स्थित ‘शांति कुंज’ हवेली अपनी पुरानी दीवारों में कई पीढ़ियों के राज समेटे खड़ी थी। यह हवेली जितनी बाहर से शांत दिखती थी, अंदर से उतनी ही उथल-पुथल से भरी थी। परिवार के मुखिया, पंडित दीनानाथ, जो पूरे शहर में अपनी ईमानदारी के लिए जाने … Read more

सिंहासन बत्तीसी: सोलहवीं पुतली सत्यवती

सिंहासन बत्तीसी

सिंहासन बत्तीसी: सोलहवीं पुतली सत्यवती ने राजा भोज को जो कथा सुनाई, वह इस प्रकार है— राजा विक्रमादित्य के शासनकाल में उज्जैन नगरी का यश दूर-दूर तक फैला हुआ था। उनके दरबार में अनेक विद्वान उपस्थित रहते थे और नौ श्रेष्ठ ज्ञानी उनके विशेष सलाहकार थे, जिनकी राय से ही राजा राज्य के महत्वपूर्ण निर्णय … Read more

हितोपदेश विग्रह की कहानियाँ

हितोपदेश

पक्षी और बंदरों की कहानी हितोपदेश: नर्मदा नदी के तट पर एक बहुत बड़ा और घना सेमर का वृक्ष था। उसकी फैली हुई शाखाओं पर अनेक पक्षी अपने-अपने घोंसले बनाकर सुखपूर्वक रहते थे। वे छोटे-छोटे तिनकों को अपनी चोंच से लाकर बड़ी मेहनत से सुंदर घोंसले तैयार करते और उनमें सुरक्षित जीवन बिताते थे। एक … Read more

जब रिश्तों की आवाज़ धीमी पड़ गई

काव्या: अधूरी मोहब्बत और बारिश की कहानी

भाग एक शाम की बारिश उस पुराने मकान की दीवारों से टकराकर एक अजीब सी आवाज़ पैदा कर रही थी, जैसे कोई बीती हुई याद बार-बार दरवाज़ा खटखटा रही हो और अंदर आने की जिद कर रही हो। आरव खिड़की के पास खड़ा दूर सड़क पर गिरती बारिश को देख रहा था, लेकिन उसकी आँखें … Read more

“वसीयत के उस एक पन्ने ने पूरे परिवार को दुश्मन बना दिया”

वसीयत

शुक्ला हवेली में एक वसीयत के सामने आते ही पूरे परिवार की नींव हिल जाती है। वर्षों से छिपे रिश्तों के सच, अपमान, धोखे और अधूरे दर्द धीरे-धीरे सबके सामने आने लगते हैं। अमन को पता चलता है कि जिस आदमी को वह पिता मानता रहा, वह उसका असली पिता ही नहीं है। परिवार के हर सदस्य के अंदर दबे जख्म बाहर आने लगते हैं और एक सच पूरे घर को टूटने के कगार पर ला खड़ा करता है।