छलावा: प्रेम की कालकोठरी

छलावा: प्रेम की कालकोठरी

छलावा: प्रेम की कालकोठरी part-1 समीर और माया का रिश्ता किसी फिल्म जैसा नहीं था, बल्कि एक ऐसी भूलभुलैया था जहाँ से बाहर निकलने का रास्ता किसी को नहीं पता था। जब उन्होंने पहली बार एक-दूसरे को देखा था, तो हवाओं में कुछ अलग ही कशिश थी, लेकिन वह कशिश जल्द ही घुटन में बदल … Read more

अधूरी दास्तां की पूर्णता

अधूरी दास्तां की पूर्णता

अधूरी दास्तां की पूर्णता part-1 मुंबई की भागती-दौड़ती जिंदगी में कभी-कभी ऐसा मोड़ आता है जहाँ सब कुछ रुक जाता है। मेरी कहानी भी कुछ वैसी ही थी। मेरा नाम अयान है, मैं एक फ्रीलांस ग्राफिक डिजाइनर हूँ, जो अक्सर मुंबई के उन कैफे में घंटों बैठकर काम करता है जहाँ शोर के बीच भी … Read more

तितलियों का शोर और ख़ामोशियाँ | प्यार, भरोसे और दूरी की दिल छू लेने वाली प्रेम कहानी

तितलियों का शोर और ख़ामोशियाँ

तितलियों का शोर और ख़ामोशियाँ part-1 समीर की ज़िंदगी का कैनवास बहुत सीमित और संजीदा था, जहाँ केवल ब्लैक एंड व्हाइट रंगों के लिए जगह थी। वह एक शांत, अंतर्मुखी इंटीरियर डिज़ाइनर था जो अपनी दीवारों के रंगों में तो जान फूंक देता था, पर अपनी रूह की ख़ामोशी को तोड़ने से डरता था। उसके … Read more

सत्तरवीं मंज़िल का अकेला आदमी

विहान

भाग एक दिल्ली की सबसे ऊँची इमारत की सत्तरवीं मंज़िल पर बना वह काँच का ऑफिस बाहर से किसी सपने जैसा दिखाई देता था, लेकिन उसके अंदर बैठा विहान अरोड़ा पिछले कई महीनों से नींद की गोलियों के सहारे रातें काट रहा था। उसके सामने करोड़ों के प्रोजेक्ट्स की फाइलें खुली रहती थीं, दुनिया के … Read more

“वसीयत के उस एक पन्ने ने पूरे परिवार को दुश्मन बना दिया”

वसीयत

शुक्ला हवेली में एक वसीयत के सामने आते ही पूरे परिवार की नींव हिल जाती है। वर्षों से छिपे रिश्तों के सच, अपमान, धोखे और अधूरे दर्द धीरे-धीरे सबके सामने आने लगते हैं। अमन को पता चलता है कि जिस आदमी को वह पिता मानता रहा, वह उसका असली पिता ही नहीं है। परिवार के हर सदस्य के अंदर दबे जख्म बाहर आने लगते हैं और एक सच पूरे घर को टूटने के कगार पर ला खड़ा करता है।