बंद दरवाज़ों का सच

बंद दरवाज़ों का सच

बंद दरवाज़ों का सच Part 1 दिल्ली के पुराने और प्रतिष्ठित चौधरी परिवार की पहचान सिर्फ उनके कारोबार से नहीं थी, बल्कि उनकी उस पारिवारिक प्रतिष्ठा से थी जिसे उन्होंने तीन पीढ़ियों से संभाल रखा था। परिवार की मुखिया शारदा चौधरी अपने सिद्धांतों और अनुशासन के लिए जानी जाती थीं। उनके लिए परिवार की इज्जत … Read more

विश्वास की दरारें

विश्वास की दरारें

विश्वास की दरारें part – 1 समीर सिंघानिया अपनी आलीशान कोठी के विशाल कांच की खिड़की के पास खड़े थे। बाहर बरसती बारिश की बूंदें कांच से टकराकर नीचे गिर रही थीं, ठीक वैसे ही जैसे उनके परिवार के रिश्ते बिखर रहे थे। शहर के सबसे बड़े स्टील एम्पायर के मालिक होने के बावजूद, समीर … Read more

खानदानी परिवार

खानदानी परिवार

खानदानी परिवार part-1 आगरा के पुराने शहर की तंग गलियों में बसा ‘खान विला’ कभी खुशियों का ठिकाना हुआ करता था। हाजी इनायत अली खान का परिवार शहर में अपनी शराफत और इत्र के कारोबार के लिए मशहूर था। आज वहां सन्नाटा पसरा था, जो बरसों से दबे हुए जख्मों की चुभन को और बढ़ा … Read more

टूटा हुआ आईना

टूटा हुआ आईना

टूटा हुआ आईना Part-1 बनारस की तंग गलियों के बीच स्थित ‘शांति कुंज’ हवेली अपनी पुरानी दीवारों में कई पीढ़ियों के राज समेटे खड़ी थी। यह हवेली जितनी बाहर से शांत दिखती थी, अंदर से उतनी ही उथल-पुथल से भरी थी। परिवार के मुखिया, पंडित दीनानाथ, जो पूरे शहर में अपनी ईमानदारी के लिए जाने … Read more

“वसीयत के उस एक पन्ने ने पूरे परिवार को दुश्मन बना दिया”

वसीयत

शुक्ला हवेली में एक वसीयत के सामने आते ही पूरे परिवार की नींव हिल जाती है। वर्षों से छिपे रिश्तों के सच, अपमान, धोखे और अधूरे दर्द धीरे-धीरे सबके सामने आने लगते हैं। अमन को पता चलता है कि जिस आदमी को वह पिता मानता रहा, वह उसका असली पिता ही नहीं है। परिवार के हर सदस्य के अंदर दबे जख्म बाहर आने लगते हैं और एक सच पूरे घर को टूटने के कगार पर ला खड़ा करता है।