यादों का कारवां

यादों का कारवां

यादों का कारवां part-1 लंदन की ठंडी और धुंध भरी हवाओं में पिछले सात साल बिताने के बाद, जब अद्वैत ने दिल्ली एयरपोर्ट की गर्म और उमस भरी हवा में सांस ली, तो उसे लगा जैसे वह किसी दूसरी दुनिया में उतर आया है। उसके हाथ में एक महंगा लेदर का सूटकेस था, जिसमें उसके … Read more

वो धुंधली रात और अधूरी चिट्ठी

वो धुंधली रात और अधूरी चिट्ठी

वो धुंधली रात और अधूरी चिट्ठी part-1 हम पाँचों—शाश्वत, अंजलि, करण, सुष्म और अंतरा—बचपन से ही इस छोटे से कस्बे की गलियों में साथ पले-बढ़े थे। हमारी दोस्ती किसी फिल्मी कहानी जैसी नहीं थी, बल्कि यह उन टूटी हुई साइकिलों, गर्मियों की दोपहर में चोरी की हुई आम की मिठास, और स्कूल के पीछे वाली … Read more

अटूट रिश्तों की एक नई दास्तां,

अटूट रिश्तों की एक नई दास्तां

अटूट रिश्तों की एक नई दास्तां part-1 गुजरात के साबरमती रिवरफ्रंट पर शाम की ठंडी हवाएं चल रही थीं, जहां खुशी और अर्णव बचपन से ही अपने सुख-दुख साझा करते आए थे। दोनों की दोस्ती स्कूल के उस पहले दिन से शुरू हुई थी जब खुशी ने अपना टिफिन बॉक्स अर्णव के साथ शेयर किया … Read more

ढलती दोपहरें

ढलती दोपहरें

ढलती दोपहरें part-1 पवन को हमेशा से लगता था कि अठारह का होते ही ज़िंदगी अचानक से किसी सिनेमा के पर्दे जैसी रंगीन और साफ़ हो जाएगी। लेकिन दिल्ली के एक तंग किराए के कमरे में, उमस भरी दोपहर को सीलिंग फैन की चरचराहट सुनते हुए, उसे अहसास हुआ कि वयस्कता कोई जादुई दरवाज़ा नहीं, … Read more

अधूरी मोहब्बत

अधूरी मोहब्बत

अधूरी मोहब्बत part-1 यह कहानी मेरी ज़िंदगी के उस हिस्से की है जिसे मैंने सालों तक अपने दिल के सबसे गहरे कोने में छुपा कर रखा था। मेरा नाम आरव है और आज मैं अपनी ज़िंदगी की उस सबसे बड़ी भूल और एहसास को कबूल करने जा रहा हूँ जिसने मुझे पूरी तरह बदल दिया। … Read more

यादों के धागे

यादों के धागे

यादों के धागे part-1 कबीर, अयान, मीरा, राहुल और ज़ोया की दोस्ती कॉलेज के उन गलियारों में परवान चढ़ी थी जहाँ हवाओं में सिर्फ सपने और बेफिक्री तैरती थी। वे पाँचों एक-दूसरे से उतने ही अलग थे जितने इंद्रधनुष के रंग, लेकिन जब साथ होते तो एक मुकम्मल तस्वीर बन जाते थे। कबीर एक गंभीर … Read more