रूह का सौदा

रूह का सौदा

रूह का सौदा part-1 साहिल और सुमन का रिश्ता शुरुआत से ही एक खूबसूरत ख़्वाब जैसा था, लेकिन किसी को नहीं पता था कि यह ख़्वाब कब एक कभी न ख़त्म होने वाले दुःस्वप्न में बदल जाएगा। सुमन स्वभाव से बेहद संवेदनशील और कलात्मक थी, जबकि साहिल का व्यक्तित्व एक चुंबकीय आकर्षण से भरा था … Read more

अटूट रिश्तों की एक नई दास्तां,

अटूट रिश्तों की एक नई दास्तां

अटूट रिश्तों की एक नई दास्तां part-1 गुजरात के साबरमती रिवरफ्रंट पर शाम की ठंडी हवाएं चल रही थीं, जहां खुशी और अर्णव बचपन से ही अपने सुख-दुख साझा करते आए थे। दोनों की दोस्ती स्कूल के उस पहले दिन से शुरू हुई थी जब खुशी ने अपना टिफिन बॉक्स अर्णव के साथ शेयर किया … Read more

ममता के आँसू

ममता के आँसू

ममता के आँसू part-1 देवकी देवी अपने आलीशान और पारंपरिक घर ‘माधव विला’ के मुख्य बरामदे में बैठी थीं, जहाँ उनके हाथ की पीतल की माला के दाने एक-एक कर गिर रहे थे, लेकिन उनका ध्यान पूरी तरह से मुख्य द्वार पर लगा हुआ था। उनके चेहरे पर समय की लकीरों के साथ-साथ एक अनकहा … Read more

एक दमघोटू दास्तान

एक दमघोटू दास्तान

एक दमघोटू दास्तान Part-1 हरियाणा के एक छोटे लेकिन तेजी से विकसित होते शहर के बाहरी इलाके में बने एक आलीशान फार्महाउस की खिड़की से बाहर देखते हुए मीरा अक्सर खुद से यही सवाल पूछती थी कि वह इस मखमली पिंजरे में कैसे कैद हो गई। बाहर जून की तपती धूप थी, लेकिन घर के … Read more

यादों का देहरादून

यादों का देहरादून

यादों का देहरादून part-1 देहरादून की सर्द सुबह और मसूरी की पहाड़ियों से आती ठंडी हवाओं के बीच, डून्स कॉलेज का कैंपस हमेशा चहल-पहल से भरा रहता था। अद्वैत, एक शांत और गंभीर मिजाज का लड़का, जो अक्सर लाइब्रेरी के कोने में बैठकर अपनी किताबों में खोया रहता था, उसे कभी नहीं लगा था कि … Read more

टूटते धागे, जुड़ते अहसास

टूटते धागे, जुड़ते अहसास

टूटते धागे, जुड़ते अहसास part-1 उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर शहर की सिविल लाइंस कॉलोनी में स्थित ‘मिश्रा निवास’ बाहर से जितना शांत दिखता था, भीतर से उसकी दीवारें उतनी ही भारी खामोशी से घिरी थीं। इस घर के मुखिया, रामशंकर मिश्रा, पीडब्ल्यूडी विभाग में एक कड़क और ईमानदार प्रशासनिक अधिकारी थे, जिनकी हर बात पत्थर … Read more