आसमान की ऊंचाइयों में

आसमान की ऊंचाइयों में

आसमान की ऊंचाइयों में part-1 दिल्ली की चिलचिलाती दोपहर में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का लाउंज हमेशा एक अलग ही ऊर्जा से भरा होता है, जहाँ लोग मिलन और विदाई के बीच की धुंधली रेखा पर खड़े होते हैं। आदित्य, जो एक एयरलाइन का सीनियर पायलट है, अपनी फ्लाइट से उतरकर बिल्कुल थका हुआ … Read more

दरकते रिश्ते: मिथिला की हवेली

दरकते रिश्ते

दरकते रिश्ते part-1 मिथिलांचल की गोद में बसा दरभंगा का वह पुराना पैतृक घर, जिसकी दीवारों पर समय की सिलवटें साफ़ देखी जा सकती थीं, आज भी अपनी गरिमा बचाए हुए था। आंगन के बीचों-बीच लगा वह बरगद का पेड़ न जाने कितनी पीढ़ियों के हंसी-मजाक और आंसुओं का गवाह रहा होगा। इसी हवेली में … Read more

अधूरी रागिनी: दर्दभरा ब्रेकअप

अधूरी रागिनी

अधूरी रागिनी Part-1 बनारस के घाटों पर सुबह की पहली किरण जब गंगा के पानी को सोने जैसा चमकाती है, तो ऐसा लगता है जैसे समय वहीं ठहर गया हो। अस्सी घाट की सीढ़ियों पर बैठा शिव अपनी धुन में मग्न होकर बांसुरी बजा रहा था। उसकी बांसुरी की धुन में वह दर्द था, जो … Read more

कांच के टुकड़े – प्यार और भरोसा

कांच के टुकड़े

कांच के टुकड़े Part-1 महानगरों की सुबह अक्सर किसी अलार्म की कर्कश आवाज़ से नहीं, बल्कि एक अनकही दौड़ की सुगबुगाहट से शुरू होती है। दिल्ली की रफ्तार में हर कोई अपनी मंज़िल की तरफ इस कदर भाग रहा होता है कि बगल से गुज़रते इंसान का चेहरा याद रखना भी मुहाल हो जाता है। … Read more