अधूरी रागिनी: दर्दभरा ब्रेकअप

अधूरी रागिनी

अधूरी रागिनी Part-1 बनारस के घाटों पर सुबह की पहली किरण जब गंगा के पानी को सोने जैसा चमकाती है, तो ऐसा लगता है जैसे समय वहीं ठहर गया हो। अस्सी घाट की सीढ़ियों पर बैठा शिव अपनी धुन में मग्न होकर बांसुरी बजा रहा था। उसकी बांसुरी की धुन में वह दर्द था, जो … Read more

रेत की घड़ियाँ – दर्द और धोखा

रेत की घड़ियाँ

रेत की घड़ियाँ part-1 लंदन की सर्द हवाएँ जब किसी की रूह को छूती हैं, तो वे केवल त्वचा को नहीं कँपातीं, बल्कि यादों की उन परतों को भी खुरच देती हैं जिन्हें हम बरसों पहले बर्फ की चादर के नीचे दबा चुके होते हैं। कबीर अपनी बालकनी में खड़ा होकर टेम्स नदी के काले … Read more

कांच के घरौंदे: सिमटती सांसें, बिखरते ख्वाब | भरोसे के टूटने और आत्मसम्मान की कहानी

कांच के घरौंदे: सिमटती सांसें

कांच के घरौंदे: सिमटती सांसें part- 1 शिमला की सर्द हवाओं में एक अजीब सी खामोशी घुली हुई थी, जो मॉल रोड की चहल-पहल के बीच भी अरमान के दिल को चीर रही थी। आसमान से गिरते बर्फ के फाहे मानो उसके गुनाहों के बोझ को ढकने की नाकाम कोशिश कर रहे थे, लेकिन उसके … Read more

सिंदूरी हवेली का अंतिम दीप – मृणालिनी और आर्यदीप के अधूरे प्रेम और बिछड़ने की दर्दनाक कहानी

सिंदूरी हवेली का अंतिम दीप

सिंदूरी हवेली का अंतिम दीप Part-1 सन् 1960 का बंगाल अपने भीतर एक अजीब-सी शालीनता समेटे हुए था। कोलकाता की चौड़ी सड़कों पर ट्रामें अपनी धीमी लय में चलती थीं, पुराने ज़मींदार घरानों की प्रतिष्ठा अब भी लोगों के मन में जीवित थी, और संगीत, साहित्य तथा संस्कृति जीवन का अभिन्न हिस्सा माने जाते थे। … Read more