दरकते रिश्ते: मिथिला की हवेली
दरकते रिश्ते part-1 मिथिलांचल की गोद में बसा दरभंगा का वह पुराना पैतृक घर, जिसकी दीवारों पर समय की सिलवटें साफ़ देखी जा सकती थीं, आज भी अपनी गरिमा बचाए हुए था। आंगन के बीचों-बीच लगा वह बरगद का पेड़ न जाने कितनी पीढ़ियों के हंसी-मजाक और आंसुओं का गवाह रहा होगा। इसी हवेली में … Read more