नीले आसमान के सोशल फिल्टर

नीले आसमान के सोशल फिल्टर

नीले आसमान के सोशल फिल्टर part-1 समीर के कमरे की खिड़की से सुबह की पहली धूप जब उसकी स्टडी टेबल पर रखी भारी-भरकम किताबों पर पड़ती थी, तो उसे एक अजीब सी घबराहट महसूस होने लगती थी। सत्रह साल की उम्र में जहां जिंदगी को खुलकर सांस लेनी चाहिए थी, वहां समीर हर दिन अपनी … Read more

यादों के धागे

यादों के धागे

यादों के धागे part-1 कबीर, अयान, मीरा, राहुल और ज़ोया की दोस्ती कॉलेज के उन गलियारों में परवान चढ़ी थी जहाँ हवाओं में सिर्फ सपने और बेफिक्री तैरती थी। वे पाँचों एक-दूसरे से उतने ही अलग थे जितने इंद्रधनुष के रंग, लेकिन जब साथ होते तो एक मुकम्मल तस्वीर बन जाते थे। कबीर एक गंभीर … Read more

स्वाभिमान की चौखट

स्वाभिमान की चौखट

स्वाभिमान की चौखट part-1 दिल्ली के एक प्रतिष्ठित इलाके में स्थित ‘अग्निहोत्री निवास’ बाहर से जितना शांत और भव्य दिखता था, उसके भीतर की दीवारें उतनी ही गहरे पारिवारिक अंतर्द्वंद्वों की गवाह थीं। इस घर की रीढ़ थीं अलका अग्निहोत्री, जो अपने पारंपरिक मूल्यों, सख्त अनुशासन और पारिवारिक प्रतिष्ठा को ही जीवन का एकमात्र ध्येय … Read more

राख का फूल और बहती गंगा

राख का फूल और बहती गंगा

राख का फूल और बहती गंगा part-1 गाज़ीपुर की सुबहों में एक अजीब सा ठहराव होता है, जहाँ गंगा की लहरें घाटों से इस तरह टकराती हैं जैसे कोई पुराना दोस्त कान में धीमे से कोई राज़ कह रहा हो। राघव अपने घर की छत पर खड़ा होकर अक्सर इसी मंज़र को देखा करता था, … Read more

उठता हुआ सूरज

उठता हुआ सूरज

उठता हुआ सूरज part-1 रवि के जीवन का आधार स्तंभ उसकी ईमानदारी और उसकी असाधारण मेधा थी। वह एक मध्यमवर्गीय परिवार से निकलकर देश की सबसे बड़ी औद्योगिक साम्राज्य ‘खन्ना इंडस्ट्रीज’ का मुख्य कार्यकारी अधिकारी बना था। उसके पिता ने इसे शून्य से खड़ा किया था और रवि ने उसे शिखर तक पहुंचाया। लेकिन एक … Read more

मौन के अवशेष,ब्रेकअप कहानी

मौन के अवशेष

मौन के अवशेष part-1 हर दिन सुबह की पहली किरण के साथ शश्वत को वह खालीपन महसूस होता था जो अब उसके कमरे का स्थायी हिस्सा बन चुका था। मेज पर रखी हुई वह अधूरी तस्वीर, जो उसने और अंजलि ने मिलकर एक साथ पेंट करने का सपना देखा था, अब धूल की एक पतली … Read more