मौन के अवशेष,ब्रेकअप कहानी

मौन के अवशेष

मौन के अवशेष part-1 हर दिन सुबह की पहली किरण के साथ शश्वत को वह खालीपन महसूस होता था जो अब उसके कमरे का स्थायी हिस्सा बन चुका था। मेज पर रखी हुई वह अधूरी तस्वीर, जो उसने और अंजलि ने मिलकर एक साथ पेंट करने का सपना देखा था, अब धूल की एक पतली … Read more

फासलों के दरमियां,एक रात ने सब बदल दिया

फासलों के दरमियां

फासलों के दरमियां part-1 शाम की धुंधलके में खिड़की के बाहर गिरती बारिश की बूंदों को देखना हमेशा से सुकून देता था, लेकिन उस दिन हवा में एक अजीब सी भारीपन महसूस हो रहा था। कॉफ़ी के मग्गे से उठता हुआ धुआं कमरे के सन्नाटे में धीरे-धीरे विलीन हो रहा था, ठीक उसी तरह जैसे … Read more