यादों का कारवां

यादों का कारवां

यादों का कारवां part-1 लंदन की ठंडी और धुंध भरी हवाओं में पिछले सात साल बिताने के बाद, जब अद्वैत ने दिल्ली एयरपोर्ट की गर्म और उमस भरी हवा में सांस ली, तो उसे लगा जैसे वह किसी दूसरी दुनिया में उतर आया है। उसके हाथ में एक महंगा लेदर का सूटकेस था, जिसमें उसके … Read more

ढलती दोपहरें

ढलती दोपहरें

ढलती दोपहरें part-1 पवन को हमेशा से लगता था कि अठारह का होते ही ज़िंदगी अचानक से किसी सिनेमा के पर्दे जैसी रंगीन और साफ़ हो जाएगी। लेकिन दिल्ली के एक तंग किराए के कमरे में, उमस भरी दोपहर को सीलिंग फैन की चरचराहट सुनते हुए, उसे अहसास हुआ कि वयस्कता कोई जादुई दरवाज़ा नहीं, … Read more