टूटे हुए मौसमों के बाद

टूटे हुए मौसमों के बाद

टूटे हुए मौसमों के बाद Part 1 दिल्ली की सर्द सुबहें हमेशा से कृति को पसंद थीं। उसे लगता था कि धुंध में छिपी सड़कें इंसानों जैसी होती हैं, जो अपने अंदर न जाने कितनी कहानियाँ छिपाकर रखती हैं। वह रोज़ की तरह अपने फ्लैट की बालकनी में खड़ी चाय पी रही थी, लेकिन उस … Read more

टूटे हुए मौसमों के बाद – अनन्या और आरव की भावुक प्रेम कहानी, विश्वास और रिश्तों की यात्रा

टूटे हुए मौसमों के बाद

टूटे हुए मौसमों के बाद Part-1 दिल्ली की सर्द शामों में एक अजीब-सी खामोशी होती है, जैसे शहर लाखों आवाज़ों के बीच भी अपने कुछ राज़ छिपाकर रखता हो। उसी शहर में रहने वाली अनन्या भी अपने भीतर कई राज़ दबाए हुए थी। बाहर से वह आत्मविश्वासी, हंसमुख और सफल पत्रकार दिखाई देती थी, लेकिन … Read more