अलंकार — तपोभूमि का रहस्य: मुंशी प्रेमचंद

अलंकार

अलंकार — तपोभूमि का रहस्य: मुंशी प्रेमचंद नील नदी के शांत किनारों पर उन दिनों दूर-दूर तक तपस्वियों की छोटी-छोटी कुटियाएँ बसी हुई थीं। कहीं मिट्टी की झोंपड़ियाँ थीं, कहीं पत्थरों से बने मठ और कहीं सलीब से सजे गिरजाघर। हर तपस्वी एकांत में रहकर कठोर साधना करता था, पर आवश्यकता पड़ने पर सब एक-दूसरे … Read more