अमावस्या की रात— मुंशी प्रेमचंद

अमावस्या की रात्रि

अमावस्या की रात्रि — मुंशी प्रेमचंद दीवाली की जगमगाती रात थी। पूरा श्रीनगर दीपों की रोशनी से चमक रहा था, लेकिन उसी नगर में पंडित देवदत्त का विशाल सतधारा भवन अंधकार में डूबा खड़ा था। कभी यह हवेली वैभव और सम्मान का प्रतीक थी, पर अब खंडहर बन चुकी थी। दीवारें टूट रही थीं, आँगन … Read more