जब श्रीकृष्ण ने द्रौपदी की लाज बचाई
श्रीकृष्ण ने द्रौपदी की लाज बचाई हस्तिनापुर का राजमहल उस दिन असाधारण रूप से भरा हुआ था। विशाल सभा में बड़े-बड़े महारथी, गुरुजन, मंत्री और राजा उपस्थित थे। चमचमाते स्तंभों और स्वर्ण सिंहासनों के बीच एक ऐसा खेल खेला जा रहा था जो आने वाले विनाश की नींव बनने वाला था।वह था—जुए का खेल। दुर्योधन … Read more