शीशे की इमारतों के बीच धड़कता एक दिल

शीशे की इमारतों के बीच धड़कता एक दिल

शीशे की इमारतों के बीच धड़कता एक दिल Part 1 गुरुग्राम की चमकती हुई रातें दूर से किसी सपने जैसी लगती थीं। ऊँची-ऊँची काँच की इमारतें, चौड़ी सड़कें, देर रात तक जगमगाते ऑफिस और हर चेहरे पर सफलता की दौड़ का दबाव। लेकिन इन रोशनियों के बीच कई कहानियाँ ऐसी भी थीं जो बाहर से … Read more

अधूरी खामोशियों का आख़िरी जवाब

अधूरी खामोशियों का आख़िरी जवाब

अधूरी खामोशियों का आख़िरी जवाब Part 1 लखनऊ की एक शांत शाम थी। बारिश अभी-अभी थमी थी और सड़कों पर पानी की पतली परतें शहर की रोशनी को अपने भीतर समेटे चमक रही थीं। उसी शाम एक छोटे से कैफ़े में आरव अपनी लैपटॉप स्क्रीन पर झुका बैठा था। वह एक आर्किटेक्ट था, जिसकी ज़िंदगी … Read more