शीशे का गवाह

शीशे का गवाह

शीशे का गवाह Part 1 कर्नाटक के चिक्कमगलूर जिले की पहाड़ियों के बीच बसा हुआ छोटा-सा कस्बा बेलनाडु अपनी शांति के लिए जाना जाता था। सुबह की धुंध जब कॉफी के बागानों के ऊपर तैरती थी, तब पूरा इलाका किसी चित्र की तरह दिखाई देता था। उसी कस्बे में रहने वाला अट्ठाईस वर्षीय नीरज एक … Read more

आख़िरी पहचान

आख़िरी पहचान

आख़िरी पहचान एक रहस्यमयी कहानी है, जहाँ स्मृति, पहचान और चेतना के बीच का सच धीरे-धीरे सामने आता है। यह कहानी पाठकों को अंत तक जुड़े रहने और हर किरदार को नए नजरिए से देखने का मौका देती है।

बोगानगाइ का रक्षक

बोगानगाइ का रक्षक

बोगानगाइ का रक्षक Part-1 सन् 1450 के असम का एक छोटा सा गाँव, जिसे लोग ‘बोगानगाइ’ कहते थे, घने और रहस्यमयी जंगलों से घिरा हुआ था। वहाँ की सुबह हमेशा एक अजीब सी धुंध और पक्षियों की चीखों के साथ शुरू होती थी। गाँव के लोग अपनी सुरक्षा के लिए एक दिव्य पुरुष यानी एक … Read more