ईदगाह (कहानी) : मुंशी प्रेमचंद की कहानियां

मुंशी प्रेमचंद

ईदगाह (कहानी) : मुंशी प्रेमचंद ईद का दिन था। पूरे तीस रोज़ों के बाद जब ईद आई तो गाँव का दृश्य ही बदल गया। पेड़ों पर हरियाली और हवा में एक अलग ही ताजगी थी। खेतों में मानो नई जान आ गई हो। आसमान की लालिमा भी जैसे इस पवित्र त्योहार का स्वागत कर रही … Read more