अधूरे ख्वाबों का मुकम्मल मुसाफिर |
अधूरे ख्वाबों का मुकम्मल मुसाफिर part 1 दिल्ली की तपती दोपहरी और कनॉट प्लेस की भीड़भाड़ में रोहित और नैना की पहली मुलाकात किसी फिल्मी कहानी जैसी नहीं थी। रोहित एक फ्रीलांस फोटोग्राफर था, जिसे पुरानी दिल्ली की संकरी गलियों में बिखरी इंसानी भावनाओं को कैमरे में कैद करने का जुनून था, वहीं नैना एक … Read more