साये की दस्तक

साये की दस्तक

साये की दस्तक एक रहस्यमयी बैग, पुराने पारिवारिक राज और खतरनाक साजिश की कहानी है। यह कहानी दिखाती है कि सबसे बड़ा धोखा अक्सर उन्हीं लोगों से मिलता है, जिन पर हम भरोसा करते हैं।

परछाइयों का फरेब

परछाइयों का फरेब

समीर के पिता की रहस्यमयी मौत से शुरू हुई यह कहानी धोखे, साजिश और छिपे हुए सबूतों से भरी है। पढ़ें कैसे समीर अपनी बुद्धिमानी से दुश्मनों का खेल पलट देता है।

ढलती शाम

ढलती शाम

ढलती शाम part 1 लखनऊ के अमीनाबाद की तंग गलियों में बशारत का पुराना सा पुश्तैनी मकान था, जहां वह अपनी बूढ़ी अम्मी और छोटी बहन माहिरा के साथ रहता था। बशारत एक सीधा-साधा नौजवान था, जो चौक इलाके में एक छोटी सी इत्र की दुकान चलाता था। उसकी जिंदगी सुबह दुकान खोलने, ग्राहकों को … Read more