एक नई सुबह की गूंज

एक नई सुबह की गूंज

एक नई सुबह की गूंज part-1 झारखंड के छोटे से शहर हजारीबाग की सुबह जब अंगड़ाई लेती थी, तो महुआ अपने आंगन में लगे महुआ के पेड़ से गिरते फूलों की भीनी खुशबू से अपनी आंखें खोलती थी। चौबीस साल की महुआ के पास न केवल उस पेड़ का नाम था, बल्कि उसकी जड़ें भी … Read more