खामोश गूँज
खामोश गूँज part-1 सुबह की पहली किरण खिड़की से छनकर जब चेहरे पर पड़ती है, तो वह सुकून नहीं, बल्कि एक भारी अलार्म की तरह महसूस होती है। फोन की नोटिफिकेशन की वह अंतहीन लय, जो रात भर भी बंद नहीं हुई, किसी डिजिटल हथौड़े की तरह सिर में बजती रहती है। हम सब एक … Read more