डिजिटल पीढ़ी का मौन

डिजिटल पीढ़ी का मौन

डिजिटल पीढ़ी का मौन part 1 रात के तीन बज रहे थे और लैपटॉप की नीली रोशनी मेरे चेहरे पर एक अजीब सी थकान बिखेर रही थी। इंस्टाग्राम की रील स्क्रॉल करते हुए जब कोई तीसरा अजनबी अपनी ‘परफेक्ट लाइफ’ का प्रदर्शन करता है, तो मन में उठने वाली वह टीस आज भी वैसी ही … Read more

नई उलझनें

नई उलझनें

नई उलझनें एक प्रेरक कहानी है, जो करियर की उलझनों, परिवार के दबाव और सपनों के बीच सही रास्ता चुनना सिखाती है। यह युवाओं को खुद पर भरोसा रखने और मेहनत जारी रखने की प्रेरणा देती है।

पिंजरे में कैद परिंदे

पिंजरे में कैद परिंदे

पिंजरे में कैद परिंदे सुबह के चार बज रहे हैं और लैपटॉप की स्क्रीन की वह कृत्रिम नीली रोशनी मेरी आँखों में चुभ रही है, जैसे किसी ने सीधे रेटिना पर स्याही छिड़क दी हो। हाथ में ठंडी हो चुकी कॉफी का मग है और सामने खुला है वह एक्सेल शीट, जो मेरी पूरी ज़िंदगी … Read more

खामोश गूँज

खामोश गूँज

खामोश गूँज part-1 सुबह की पहली किरण खिड़की से छनकर जब चेहरे पर पड़ती है, तो वह सुकून नहीं, बल्कि एक भारी अलार्म की तरह महसूस होती है। फोन की नोटिफिकेशन की वह अंतहीन लय, जो रात भर भी बंद नहीं हुई, किसी डिजिटल हथौड़े की तरह सिर में बजती रहती है। हम सब एक … Read more