शून्य का दर्पण

शून्य का दर्पण

शून्य का दर्पण part-1 आर्यन अपनी पुरानी हवेली के उस सुनसान कमरे में बैठा था, जहाँ धूल की परतें समय की गवाही दे रही थीं। उसने अपने सामने रखे एक प्राचीन आईने को साफ किया, जिसका फ्रेम किसी अजीब धातु से बना था, जो न पीतल जैसा था न चांदी जैसा। बाहर मूसलाधार बारिश हो … Read more