अदृश्य जाल,साइकोलॉजिकल थ्रिलर

अदृश्य जाल

अदृश्य जाल part-1 आर्यन अपनी खिड़की के पास खड़ा होकर नीचे सड़क पर गिरती बारिश को देख रहा था। उसके हाथ में कॉफी का मग था, जो अब ठंडा हो चुका था, लेकिन उसका ध्यान उस तरफ नहीं था। उसे बार-बार ऐसा महसूस हो रहा था कि कोई उसे देख रहा है, कोई है जो … Read more

शून्य का दर्पण

शून्य का दर्पण

शून्य का दर्पण part-1 आर्यन अपनी पुरानी हवेली के उस सुनसान कमरे में बैठा था, जहाँ धूल की परतें समय की गवाही दे रही थीं। उसने अपने सामने रखे एक प्राचीन आईने को साफ किया, जिसका फ्रेम किसी अजीब धातु से बना था, जो न पीतल जैसा था न चांदी जैसा। बाहर मूसलाधार बारिश हो … Read more

सुलगती राख: खौफनाक राज़

सुलगती राख

सुलगती राख part-2 श्रीनगर की वादियों में जब सर्दियों की पहली बर्फ़बारी हुई, तो समर को लगा कि उसका अतीत भी इस सफ़ेद चादर के नीचे हमेशा के लिए दफ़्न हो जाएगा। वह दिल्ली की भागदौड़ भरी ज़िंदगी और अपनी ज़हन में गूंजती अजीब आवाज़ों से तंग आकर अपनी पुश्तैनी हवेली ‘काली कोठी’ वापस लौटा … Read more

मायावी साया|साइकोलॉजिकल थ्रिलर

मायावी साया

मायावी साया part-1 न्यूयॉर्क की गगनचुंबी इमारतों के बीच घिरा हुआ शिखर का आलीशान अपार्टमेंट उसकी सफलता का प्रतीक था, लेकिन उसके भीतर का सन्नाटा कुछ और ही बयां करता था। वह वॉल स्ट्रीट का एक बेहद होनहार और प्रतिष्ठित क्वांटिटेटिव एनालिस्ट था, जिसके दिमाग की बुनावट जटिल गणितीय सूत्रों और डेटा पैटर्न्स को सुलझाने … Read more

मृगतृष्णा – रहस्य और भ्रम

मृगतृष्णा – रहस्य और भ्रम

मृगतृष्णा – रहस्य और भ्रम part-1 डॉ. अद्वैत कौल शहर के सबसे प्रतिष्ठित मनोचिकित्सक थे, जिनकी ख्याति मानव मस्तिष्क की सबसे जटिल परतों को सुलझाने के लिए थी। उनका मानना था कि इंसान का दिमाग एक ऐसी तिजोरी है, जिसकी चाबी खुद उसके पास भी नहीं होती, बल्कि वह यादों के मलबे में कहीं खो … Read more