स्कूल की दहलीज और नए ख्वाब

स्कूल की दहलीज और नए ख्वाब

स्कूल की दहलीज और नए ख्वाब part-1 कानपुर की उमस भरी दोपहर में जब गंगा बैराज की ठंडी हवाएं चेहरे को छूती थीं, तो लगता था कि जिंदगी बस इसी रफ्तार से चलती रहेगी। रोहित अपने भारी बस्ते को कंधे पर टांगे हुए सनातन धर्म विद्यालय के मुख्य गेट के बाहर खड़ा था, जहाँ उसके … Read more

कागज़ी कश्तियाँ

कागज़ी कश्तियाँ

कागज़ी कश्तियाँ part-1, आदित्य की सुबह हमेशा की तरह अलार्म की कर्कश आवाज़ से नहीं, बल्कि उसके फोन की लगातार बजती हुई नोटिफिकेशन टोन से हुई। उसने अपनी भारी आँखें खोलीं और सबसे पहले इंस्टाग्राम खोला, जहाँ उसकी पिछली रात की ‘लेट नाइट स्टडी वाइब्स’ वाली रील पर पाँच सौ से ज़्यादा लाइक्स आ चुके … Read more

यादों के गलियारे और अधूरे ख़्वाब

यादों के गलियारे और अधूरे ख़्वाब

यादों के गलियारे और अधूरे ख़्वाब part-1 दिल्ली की गुनगुनी धूप और कड़कड़ाती ठंड के बीच बसा वह पुराना स्कूल, जहाँ हमारी ज़िंदगी के सबसे ख़ूबसूरत और मासूम साल बीते थे, आज भी मेरे ज़हन में पूरी तरह ताज़ा है। रोहित एक ऐसा लड़का था जिसे किताबों से ज़्यादा मैदान की धूल, क्रिकेट के बल्ले … Read more

अदृश्य जाल,साइकोलॉजिकल थ्रिलर

अदृश्य जाल

अदृश्य जाल part-1 आर्यन अपनी खिड़की के पास खड़ा होकर नीचे सड़क पर गिरती बारिश को देख रहा था। उसके हाथ में कॉफी का मग था, जो अब ठंडा हो चुका था, लेकिन उसका ध्यान उस तरफ नहीं था। उसे बार-बार ऐसा महसूस हो रहा था कि कोई उसे देख रहा है, कोई है जो … Read more

परछाइयों का बोझ –खेतों में दफन काले रहस्य

परछाइयों का बोझ

परछाइयों का बोझ part-1 पंजाब के जालंधर के बाहरी इलाके में स्थित कपूरथला रोड के पास के उन खेतों के बीच, जहाँ मक्के की फसलें हवा के साथ फुसफुसाती थीं, एक पुरानी और जर्जर हो चुकी कोठी नहीं, बल्कि एक आधुनिक कंक्रीट का बंगला खड़ा था। यह बंगला वीरेंद्र सिंह का था, जिसे स्थानीय लोग … Read more

राख का हिसाब: दमदार रिवेंज और पुनर्जन्म

राख का हिसाब

राख का हिसाब part-1 लखनऊ की उमस भरी गलियों में गोमती नगर के एक आलीशान विला में पृथ्वी का जीवन किसी फिल्मी कहानी सा था। वह एक सफल आर्किटेक्ट था, जिसकी दुनिया उसकी खूबसूरत पत्नी रिया और उसकी दबी हुई वासनाओं को तृप्त करने वाली रहस्यमयी प्रेमिका माया के इर्द-गिर्द घूमती थी। पृथ्वी को लगा … Read more