शंखचूड़ और देव-वैभव का हरण

शंखचूड़

शंखचूड़ और देव-वैभव का हरण सृष्टि के प्रारंभ से ही देव और दानवों के बीच सत्ता, शक्ति और ऐश्वर्य के लिए संघर्ष चलता रहा है। परंतु इस कथा का नायक शंखचूड़ केवल एक क्रूर असुर नहीं था, बल्कि वह पूर्वजन्म में भगवान विष्णु के परम प्रिय पार्षदों में से एक, सुदामा नाम का गोप था। … Read more

विश्वामित्र और महायज्ञ का संकल्प

विश्वामित्र

विश्वामित्र और महायज्ञ का संकल्प प्राचीन काल की बात है, जब तपोवन के घने जंगलों में ऋषियों की कुटिया हुआ करती थीं। चारों ओर शांति का वातावरण था और केवल वेदमंत्रों की गूंज सुनाई देती थी। महर्षि विश्वामित्र ने एक बहुत ही बड़े और दिव्य महायज्ञ का अनुष्ठान करने का संकल्प लिया था। इस यज्ञ … Read more

हनुमान: एक अलौकिक खोज और अशोक वाटिका का महाभंजन

हनुमान

हनुमान: एक अलौकिक खोज और अशोक वाटिका का महाभंजन महान पराक्रमी और पवनपुत्र हनुमान का जीवन अद्भुत और प्रेरणादायक घटनाओं से भरा हुआ है। श्रीराम के अनन्य भक्त हनुमान ने जब माता सीता की खोज में विशाल समुद्र को पार कर लंका की भूमि पर अपने चरण रखे, तो वह क्षण इतिहास में एक नए … Read more

धन्वंतरि और अमृत कलश

धन्वंतरि और अमृत कलश

धन्वंतरि और अमृत कलश सृष्टि के प्रारंभ काल में जब देव और दानव दोनों ही अपनी-अपनी शक्तियों को बढ़ाने के लिए लालायित थे, तब ब्रह्मांड के सबसे बड़े मंथन की आधारशिला रखी गई। क्षीर सागर के अनंत जल विस्तार में देवताओं के राजा इंद्र और असुरों के सम्राट बलि ने एक संधि की, जिसके अनुसार … Read more

वामन और बलि का दिव्य न्याय

वामन और बलि

वामन और बलि का दिव्य न्याय सतयुग की यह गाथा उस समय की है जब देवताओं और असुरों के बीच का संघर्ष अपने चरम पर पहुंच चुका था। महर्षि कश्यप और दिति के वंश में जन्मे राजा बलि ने अपनी असीम वीरता, धर्मपरायणता और न्यायप्रियता से तीनों लोकों पर अपना आधिपत्य स्थापित कर लिया था। … Read more

इंद्र और कामधेनु: देवराज का अहंकार और दिव्य गरुड़ वाहन

इंद्र और कामधेनु

इंद्र और कामधेनु: देवराज का अहंकार और दिव्य गरुड़ वाहन प्राचीन काल की बात है, जब देवलोक की अमरावती नगरी अपनी समस्त समृद्धि, वैभव और चकाचौंध के लिए चहुंओर प्रसिद्ध थी। इस दिव्य और अलौकिक नगरी के स्वामी देवराज इंद्र थे, जिन्हें अपनी असीम शक्ति, वज्र की अचूक मार और देवताओं के राजा होने का … Read more