सिंहासन बत्तीसी: इक्कीसवीं पुतली – चन्द्रज्योति

सिंहासन बत्तीसी

सिंहासन बत्तीसी: इक्कीसवीं पुतली – चन्द्रज्योति ने जो कथा सुनाई वह इस प्रकार है-एक बार राजा विक्रमादित्य एक विशाल यज्ञ की तैयारी कर रहे थे। वे चाहते थे कि उस यज्ञ में चन्द्रदेव को भी आमंत्रित किया जाए। वे सोचने लगे कि चन्द्रदेव के पास निमंत्रण लेकर किसे भेजा जाए। बहुत विचार करने के बाद … Read more

सिंहासन बत्तीसी: सताइसवीं पुतली – मलयवती

सिंहासन बत्तीसी

सिंहासन बत्तीसी: सताइसवीं पुतली – मलयवती नाम की सताइसवीं पुतली ने जो कथा सुनाई वह इस प्रकार है:राजा विक्रमादित्य बड़े यशस्वी और प्रतापी राजा थे। राजकाज चलाने में उनका कोई सानी नहीं था। वे वीरता और विद्वता का अद्भुत संगम थे। उनके शस्त्र ज्ञान और शास्त्र ज्ञान की कोई सीमा नहीं थी। राजकार्य से समय … Read more