सिंहासन बत्तीसी: इक्कीसवीं पुतली – चन्द्रज्योति
सिंहासन बत्तीसी: इक्कीसवीं पुतली – चन्द्रज्योति ने जो कथा सुनाई वह इस प्रकार है-एक बार राजा विक्रमादित्य एक विशाल यज्ञ की तैयारी कर रहे थे। वे चाहते थे कि उस यज्ञ में चन्द्रदेव को भी आमंत्रित किया जाए। वे सोचने लगे कि चन्द्रदेव के पास निमंत्रण लेकर किसे भेजा जाए। बहुत विचार करने के बाद … Read more