वामन और बलि का दिव्य न्याय

वामन और बलि

वामन और बलि का दिव्य न्याय सतयुग की यह गाथा उस समय की है जब देवताओं और असुरों के बीच का संघर्ष अपने चरम पर पहुंच चुका था। महर्षि कश्यप और दिति के वंश में जन्मे राजा बलि ने अपनी असीम वीरता, धर्मपरायणता और न्यायप्रियता से तीनों लोकों पर अपना आधिपत्य स्थापित कर लिया था। … Read more

रावण और पुष्पक विमान

रावण और पुष्पक विमान

रावण और पुष्पक विमान सनातन इतिहास के पन्नों में लंकाधिपति रावण का नाम एक ऐसे महाप्रतापी, प्रकांड विद्वान और अदम्य साहसी योद्धा के रूप में दर्ज है, जिसने अपनी शक्ति के बल पर तीनों लोकों को कंपायमान कर दिया था। रावण केवल एक क्रूर राक्षस राजा ही नहीं था, बल्कि वह वेदों का ज्ञाता, महान … Read more

इंद्र और कामधेनु: देवराज का अहंकार और दिव्य गरुड़ वाहन

इंद्र और कामधेनु

इंद्र और कामधेनु: देवराज का अहंकार और दिव्य गरुड़ वाहन प्राचीन काल की बात है, जब देवलोक की अमरावती नगरी अपनी समस्त समृद्धि, वैभव और चकाचौंध के लिए चहुंओर प्रसिद्ध थी। इस दिव्य और अलौकिक नगरी के स्वामी देवराज इंद्र थे, जिन्हें अपनी असीम शक्ति, वज्र की अचूक मार और देवताओं के राजा होने का … Read more

श्रीकृष्ण: माखन चोरी

श्रीकृष्ण

श्रीकृष्ण: माखन चोरी द्वापर युग में जब साक्षात् भगवान विष्णु ने श्रीकृष्ण के रूप में देवकी और वसुदेव के घर जन्म लिया, तब कंस के अत्याचारों से त्रस्त पृथ्वी को एक नई आशा मिली। परंतु कंस के भय से वसुदेव जी ने नवजात शिशु को गोकुल में नंद बाबा और यशोदा मैया के घर पहुँचा … Read more

कंस: मथुरा में कंस द्वारा देवकी के बच्चों की हत्या

कंस

कंस: मथुरा में कंस द्वारा देवकी के बच्चों की हत्या द्वापर युग के उत्तरार्ध में मथुरा नगरी केवल भारतवर्ष की ही नहीं, बल्कि संपूर्ण आर्यावर्त की सबसे वैभवशाली और समृद्ध राजधानियों में गिनी जाती थी। यमुना नदी के पावन तट पर बसी इस नगरी की सुदृढ़ प्राचीरें, गगनचुंबी अट्टालिकायें और विशाल बाज़ार इसके ऐश्वर्य की … Read more

रावण और सोने की लंका का अहंकार

रावण

रावण और सोने की लंका का अहंकार त्रेतायुग के उस पावन काल में, जब मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम अपने पिता की आज्ञा का पालन करने के लिए चौदह वर्षों के कठिन वनवास पर निकले थे, तब उनके साथ उनकी अर्धांगिनी माता सीता और परम प्रतापी भाई लक्ष्मण भी थे। वे तीनों पंचवटी के घने … Read more