जब श्रीकृष्ण ने सुदर्शन चक्र से शिशुपाल का अंत किया

श्रीकृष्ण

श्रीकृष्ण ने सुदर्शन चक्र से शिशुपाल का अंत किया चेदि राज्य का राजा शिशुपाल बचपन से ही अत्यंत अहंकारी और क्रूर स्वभाव का था। उसके जन्म के समय ही एक विचित्र घटना घटी थी। वह तीन आंखों और चार भुजाओं के साथ पैदा हुआ था। उसे देखकर उसके माता-पिता भयभीत हो गए। तभी आकाशवाणी हुई … Read more

जब श्रीकृष्ण ने अर्जुन का मोह तोड़कर संसार को गीता का अमर ज्ञान दिया

श्रीकृष्ण

श्रीकृष्ण ने अर्जुन का मोह तोड़ा कुरुक्षेत्र की विशाल धरती उस दिन युद्ध की आहट से कांप रही थी। चारों दिशाओं में लाखों योद्धाओं की सेनाएं सजी खड़ी थीं। हाथियों की चिंघाड़, घोड़ों की टापें, कवचों की चमक और शंखों की गूंज से पूरा वातावरण भयावह हो उठा था। ऐसा लग रहा था मानो स्वयं … Read more

जब श्रीकृष्ण ने द्रौपदी की लाज बचाई

द्रौपदी

श्रीकृष्ण ने द्रौपदी की लाज बचाई हस्तिनापुर का राजमहल उस दिन असाधारण रूप से भरा हुआ था। विशाल सभा में बड़े-बड़े महारथी, गुरुजन, मंत्री और राजा उपस्थित थे। चमचमाते स्तंभों और स्वर्ण सिंहासनों के बीच एक ऐसा खेल खेला जा रहा था जो आने वाले विनाश की नींव बनने वाला था।वह था—जुए का खेल। दुर्योधन … Read more

जब द्वारकाधीश श्रीकृष्ण मित्र सुदामा के चरणों में रो पड़े

श्रीकृष्ण

श्रीकृष्ण मित्र सुदामा के चरणों में रो पड़े समुद्र के किनारे बसी भव्य द्वारका नगरी सोने की चमक से जगमगा रही थी। विशाल महलों, ऊंचे द्वारों और राजसी वैभव से भरी उस नगरी में स्वयं द्वारकाधीश श्रीकृष्ण निवास करते थे। दूर-दूर के राजा उनके दर्शन के लिए आते थे। उनके महल के बाहर हमेशा सैनिकों … Read more

जब श्रीकृष्ण ने अत्याचारी कंस का अंत किया

श्रीकृष्ण

श्रीकृष्ण ने अत्याचारी कंस का अंत किया मथुरा वर्षों से भय और अत्याचार के अंधकार में डूबी हुई थी। वहां का राजा कंस शक्ति और क्रूरता के नशे में इतना अंधा हो चुका था कि उसकी प्रजा दिन-रात डर के साये में जीती थी। जिसने भी उसके विरुद्ध आवाज़ उठाने की कोशिश की, उसे मृत्यु … Read more

कान्हा की माखन चोरी ने पूरे वृंदावन को बना दिया दीवाना

कान्हा

कान्हा की माखन चोरी वृंदावन की गलियों में सुबह का समय था। चारों तरफ गायों की मधुर रंभाहट गूंज रही थी। घरों के आंगन में गोपियां दही मथ रही थीं। कहीं मटकों में ताजा मक्खन जमा हो रहा था, तो कहीं बच्चे खेलते हुए दौड़ रहे थे। पूरा गांव हमेशा की तरह खुशियों से भरा … Read more