जातक कथा : छद्दन्त हाथी

जातक कथा

जातक कथा : छद्दन्त हाथी बहुत समय पहले हिमालय के विशाल और रहस्यमयी वनों में अनेक प्रकार के दुर्लभ जीव-जंतु निवास करते थे। उन घने जंगलों में सफेद हाथियों की दो अद्भुत प्रजातियाँ विशेष रूप से प्रसिद्ध थीं—छद्दन्त और उपोसथ। कहा जाता है कि छद्दन्त हाथियों का शरीर चंद्रमा की तरह उज्ज्वल सफेद होता था … Read more

जातक कथा : बंदर का हृदय

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जातक कथा : बंदर का हृदय बहुत समय पहले एक विशाल और शांत नदी के किनारे घना वन फैला हुआ था। उस वन में अनेक प्रकार के वृक्ष थे, जिन पर मीठे और रसीले फल लगे रहते थे। वातावरण हमेशा पक्षियों की मधुर चहचहाहट और नदी की कल-कल ध्वनि से गूंजता रहता था। उसी वन … Read more

जातक कथा: घतकुमार

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जातक कथा: घतकुमार बहुत समय पहले वाराणसी में घतकुमार नाम का एक राजा राज्य करता था। वह न्यायप्रिय, बुद्धिमान और शांत स्वभाव का शासक था। उसकी प्रजा उससे अत्यंत प्रेम करती थी, क्योंकि वह सदैव धर्म और न्याय के मार्ग पर चलता था। उसके राज्य में सुख, शांति और समृद्धि का वातावरण था। राजा घतकुमार … Read more

जातक कथा : बौना तीरंदाज

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जातक कथा : बौना तीरंदाज बहुत समय पहले तक्षशिला नगरी शिक्षा और विद्या का महान केंद्र मानी जाती थी। दूर-दूर से विद्यार्थी वहां आकर विभिन्न कलाओं और विद्याओं की शिक्षा प्राप्त करते थे। उन्हीं विद्यार्थियों में एक बौना युवक भी था। उसका शरीर छोटा था, लेकिन उसकी बुद्धि तीव्र और लक्ष्य पर ध्यान अद्भुत था। … Read more

जातक कथा: रुरु मृग की कथा

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जातक कथा: रुरु मृग की कथा बहुत समय पहले घने और शांत वनों के बीच एक अद्भुत मृग निवास करता था, जिसका नाम रुरु था। वह कोई साधारण हिरण नहीं था। उसका शरीर मानो शुद्ध सोने से बना हुआ था। उसकी चमकती त्वचा पर माणिक, नीलम और पन्ने जैसी रंगीन आभा झिलमिलाती रहती थी। उसके … Read more

कपिराज की दूरदर्शिता : एक प्रेरणादायक जातक कथा

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कपिराज की दूरदर्शिता : एक प्रेरणादायक जातक कथा प्राचीन समय की बात है। वाराणसी नगरी में एक प्रतापी राजा राज्य करता था। उसके महल के पीछे एक अत्यंत विशाल और सुंदर उद्यान था, जहाँ तरह-तरह के फूलों की सुगंध फैली रहती थी। बगीचे में आम, जामुन, कटहल और अनेक फलों के वृक्ष लगे थे। वहाँ … Read more