परछाइयों का जाल

परछाइयों का जाल

परछाइयों का जाल भाग 1 दिल्ली की चिलचिलाती दोपहर में कनॉट प्लेस की एक कॉफी शॉप के कोने में बैठे अर्जुन मल्होत्रा और काव्या शर्मा के बीच की खामोशी उस भारी उमस से भी ज्यादा दमघोंटू थी। अर्जुन एक उभरता हुआ आर्किटेक्ट था, जिसकी महत्वाकांक्षाएं उसकी रातों की नींद छीन चुकी थीं, जबकि काव्या एक … Read more

अंधेरे के साये: एक अधूरा इकरारनामा

अंधेरे के साये

अंधेरे के साये करण के छिपे अपराध और अपराधबोध की कहानी है। सच सामने आने के बाद वह कानून का सामना करता है और प्रायश्चित के जरिए अपने जीवन को नई दिशा देने की कोशिश करता है।

युद्ध का जाल

युद्ध का जाल

युद्ध का जाल आदित्य और रिया की रोमांचक कहानी है, जहां एक रहस्यमयी फाइल उन्हें जानलेवा साजिश में फंसा देती है। दोनों हिम्मत, भरोसे और समझदारी से दुश्मनों का सामना करते हैं।

साख का सौदा

साख का सौदा

साख का सौदा कबीर खन्ना की माफिया दुनिया, गद्दारी और प्यार की कहानी है। सत्ता और दुश्मनी के बीच वह अपने साम्राज्य को बचाने के साथ इंसानियत और रिश्तों की अहमियत भी समझता है।

क्षितिज के पार उड़ती पतंग

क्षितिज के पार उड़ती पतंग

क्षितिज के पार उड़ती पतंग part-1 कमरे की उस पुरानी खिड़की से बाहर ताकते हुए हमेशा यही लगता था कि बाहर की दुनिया बस वैसी ही है जैसी किताबों में लिखी होती है—सीधी, सुलझी हुई और एक तय ढर्रे पर चलने वाली। बचपन की देहरी लांघकर जब कोई अठारहवें साल में कदम रखता है, तो … Read more

खोई हुई धड़कनें

खोई हुई धड़कनें

खोई हुई धड़कनें Part 1 यह कहानी उस वक्त की है जब ज़िंदगी का मतलब सिर्फ अच्छे नंबर लाना, दोस्तों के साथ कैफे में बैठना और भविष्य के बड़े-बड़े सपने देखना होता था। मैं भी उसी भीड़ का हिस्सा था, जो खुद को बहुत समझदार मानती थी, लेकिन हकीकत में हम सब जज्बातों के समंदर … Read more