परछाइयों का जाल
परछाइयों का जाल भाग 1 दिल्ली की चिलचिलाती दोपहर में कनॉट प्लेस की एक कॉफी शॉप के कोने में बैठे अर्जुन मल्होत्रा और काव्या शर्मा के बीच की खामोशी उस भारी उमस से भी ज्यादा दमघोंटू थी। अर्जुन एक उभरता हुआ आर्किटेक्ट था, जिसकी महत्वाकांक्षाएं उसकी रातों की नींद छीन चुकी थीं, जबकि काव्या एक … Read more