आख़िरी पहचान

आख़िरी पहचान

आख़िरी पहचान एक रहस्यमयी कहानी है, जहाँ स्मृति, पहचान और चेतना के बीच का सच धीरे-धीरे सामने आता है। यह कहानी पाठकों को अंत तक जुड़े रहने और हर किरदार को नए नजरिए से देखने का मौका देती है।

नागफनी घाट का आख़िरी राज

नागफनी घाट का आख़िरी राज

नागफनी घाट का आख़िरी राज Part 1 बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले में गंडक नदी के किनारे बसा नागफनी घाट एक साधारण-सा गांव था, लेकिन उसकी शांत सतह के नीचे कई ऐसे रहस्य दबे हुए थे जिनकी भनक किसी बाहरी व्यक्ति को नहीं थी। गांव के लोग मेहनतकश थे, मगर हर शाम जब अंधेरा फैलता … Read more

एक परछाईं जो कभी थी ही नहीं

एक परछाईं जो कभी थी ही नहीं

एक परछाईं जो कभी थी ही नहीं Part 1 कोलकाता की बरसाती रातों में कुछ घर ऐसे होते हैं जिनकी खामोशी बाहर गिरती बारिश से भी ज्यादा शोर करती है। पार्क सर्कस इलाके की एक पुरानी लेकिन आधुनिक इमारत की सातवीं मंजिल पर रहने वाला सलीम अंसारी पिछले तीन महीनों से उसी तरह की खामोशी … Read more

अनकहे मौसमों का आख़िरी ख़त

अनकहे मौसमों का आख़िरी ख़त

अनकहे मौसमों का आख़िरी ख़त Part 1 लखनऊ के पुराने इलाके में एक छोटी-सी लाइब्रेरी थी, जहाँ किताबों की खुशबू और खामोशी हमेशा एक-दूसरे का हाथ थामे रहती थीं। उसी लाइब्रेरी में काम करता था अर्णव। वह उन लोगों में से था जो अपनी भावनाएँ शब्दों में नहीं, बल्कि अपनी आदतों में छुपाकर रखते हैं। … Read more

टूटे रिश्तों की कीमत

टूटे रिश्तों की कीमत

टूटे रिश्तों की कीमत Part 1 मुरादाबाद की पुरानी गलियों में स्थित एक दोमंजिला मकान वर्षों से शर्मा परिवार की पहचान था। उस घर की दीवारों में हंसी, संघर्ष, उम्मीद और अनगिनत यादें कैद थीं। परिवार के मुखिया रामकिशोर शर्मा एक सेवानिवृत्त शिक्षक थे, जिनकी ईमानदारी पूरे मोहल्ले में मिसाल मानी जाती थी। उनकी पत्नी … Read more

बारिश, बैकबेंच और वो आखिरी फैसला

बारिश, बैकबेंच और वो आखिरी फैसला

बारिश, बैकबेंच और वो आखिरी फैसला Part 1 मद्रास की सुबहें हमेशा किसी नई शुरुआत का एहसास कराती थीं। समुद्र से आने वाली नम हवा, सड़कों पर दौड़ती बसें और कॉलेज कैंपस में गूंजती छात्रों की आवाज़ें शहर को एक अलग ही ऊर्जा देती थीं। इसी शहर के प्रतिष्ठित कॉलेज में चार दोस्तों की दुनिया … Read more