शीशे का गवाह

शीशे का गवाह

शीशे का गवाह Part 1 कर्नाटक के चिक्कमगलूर जिले की पहाड़ियों के बीच बसा हुआ छोटा-सा कस्बा बेलनाडु अपनी शांति के लिए जाना जाता था। सुबह की धुंध जब कॉफी के बागानों के ऊपर तैरती थी, तब पूरा इलाका किसी चित्र की तरह दिखाई देता था। उसी कस्बे में रहने वाला अट्ठाईस वर्षीय नीरज एक … Read more

प्रतिबिंब कक्ष

प्रतिबिंब कक्ष

प्रतिबिंब कक्ष एक मनोवैज्ञानिक रहस्य कहानी है, जिसमें डॉ. नीरज सहगल अपनी यादों और एक अदृश्य अपराधी के बीच उलझ जाता है। यह कहानी अंत तक रहस्य और रोमांच बनाए रखती है।

शीशमहल की दरारें

शीशमहल की दरारें

शीशमहल की दरारें Part 1 कानपुर के पुराने और प्रतिष्ठित इलाक़े स्वरूप नगर में गुप्ता परिवार की एक बड़ी हवेली थी। बाहर से देखने पर वह घर किसी राजमहल से कम नहीं लगता था। ऊँचे फाटक, सफेद संगमरमर की सीढ़ियाँ और आँगन में खड़ा बरगद का विशाल पेड़ उस परिवार की समृद्धि और प्रतिष्ठा की … Read more

खामोश दुआओं का आख़िरी नाम

खामोश दुआओं का आख़िरी नाम

खामोश दुआओं का आख़िरी नाम सना और आरिफ़ की अधूरी मोहब्बत की कहानी है, जहाँ धोखे के बाद सना खुद को संभालकर डॉक्टर बनती है। यह कहानी आत्मसम्मान और खुद से प्यार करना सिखाती है।

शीशे की इमारतों के बीच धड़कता एक दिल

शीशे की इमारतों के बीच धड़कता एक दिल

शीशे की इमारतों के बीच धड़कता एक दिल Part 1 गुरुग्राम की चमकती हुई रातें दूर से किसी सपने जैसी लगती थीं। ऊँची-ऊँची काँच की इमारतें, चौड़ी सड़कें, देर रात तक जगमगाते ऑफिस और हर चेहरे पर सफलता की दौड़ का दबाव। लेकिन इन रोशनियों के बीच कई कहानियाँ ऐसी भी थीं जो बाहर से … Read more

नागलोई की राख से उठता बदला

नागलोई की राख से उठता बदला

नागलोई की राख से उठता बदला एक युवक की कहानी है, जो झूठे आरोप में जेल जाने के बाद खुद को बदलता है। यह कहानी दिखाती है कि धैर्य, समझदारी और न्याय से बड़ा बदला कोई नहीं होता।