सत्तरवीं मंज़िल का अकेला आदमी
भाग एक दिल्ली की सबसे ऊँची इमारत की सत्तरवीं मंज़िल पर बना वह काँच का ऑफिस बाहर से किसी सपने जैसा दिखाई देता था, लेकिन उसके अंदर बैठा विहान अरोड़ा पिछले कई महीनों से नींद की गोलियों के सहारे रातें काट रहा था। उसके सामने करोड़ों के प्रोजेक्ट्स की फाइलें खुली रहती थीं, दुनिया के … Read more