अनिष्ट संकेतों में डूबी प्रेम कथा-मुंशी प्रेमचंद

प्रेमचंद

अनिष्ट संकेतों में डूबी प्रेम कथा- मुंशी प्रेमचंद चाँदनी रात अपनी पूरी सुंदरता के साथ धरती पर बिखरी हुई थी। ठंडी हवाएँ महल की विशाल छत को स्पर्श करती हुई गुजर रही थीं। उसी शांत वातावरण में कुँवर अमरनाथ अपनी पत्नी मनोरमा के साथ बैठे थे। अमरनाथ बुंदेलखंड जाने की तैयारी कर चुके थे, जहाँ … Read more

अपनी गलतियों से उजड़ता एक आदमी- मुंशी प्रेमचंद

मुंशी प्रेमचंद

अपनी गलतियों से उजड़ता एक आदमी- मुंशी प्रेमचंद आज जब मैं अपनी टूटी हुई जिंदगी के पन्ने पलटता हूँ, तो हर पन्ने पर केवल पछतावा दिखाई देता है। कभी मैं सम्मानित, शिक्षित और सुखी व्यक्ति माना जाता था। धन, प्रतिष्ठा और ऐश्वर्य मेरे कदमों में बिछे रहते थे। ऊँचा खानदान, अच्छी शिक्षा और आकर्षक व्यक्तित्व—ईश्वर … Read more

अग्नि-समाधि — मुंशी प्रेमचंद

अग्नि-समाधि

मुंशी प्रेमचंद हिंदी साहित्य के महान कहानीकार और उपन्यासकार थे, जिन्होंने समाज की सच्चाइयों, गरीबी, किसानों की पीड़ा और नैतिक मूल्यों पर आधारित अनेक प्रेरणादायक कहानियाँ लिखीं। उनकी लेखनी सरल लेकिन गहरी होती थी। उनकी चुनिंदा सीख देने वाली कहानियाँ आज हम आपके सामने प्रस्तुत कर रहे हैं, जो जीवन को समझने की नई दृष्टि … Read more

आधार — मुंशी प्रेमचंद (पुनर्लेखन)

मुंशी प्रेमचंद

आधार — मुंशी प्रेमचंद (पुनर्लेखन) मथुरा पूरे गाँव का सबसे बलवान और सुंदर युवक माना जाता था। उसकी उम्र लगभग बीस वर्ष थी और शरीर इतना गठीला था कि लोग उसे देखकर दंग रह जाते थे। वह सुबह गायें चराने जाता, खूब दूध पीता, अखाड़े में कसरत करता और कुश्ती लड़ता था। खाली समय में … Read more

आप-बीती — मुंशी प्रेमचंद (पुनर्लेखन)

मुंशी प्रेमचंद

आप-बीती — मुंशी प्रेमचंद (पुनर्लेखन) साहित्य की दुनिया में जब किसी लेखक को पाठकों से प्रशंसा मिलने लगती है, तब उसके मन में एक अलग ही आनंद जन्म लेता है। साधारण जीवन जीने वाला लेखक भी उन पत्रों को पढ़कर स्वयं को महत्वपूर्ण समझने लगता है। गरीबी, परेशानियाँ और संघर्ष कुछ समय के लिए उसकी … Read more