अनिष्ट संकेतों में डूबी प्रेम कथा-मुंशी प्रेमचंद
अनिष्ट संकेतों में डूबी प्रेम कथा- मुंशी प्रेमचंद चाँदनी रात अपनी पूरी सुंदरता के साथ धरती पर बिखरी हुई थी। ठंडी हवाएँ महल की विशाल छत को स्पर्श करती हुई गुजर रही थीं। उसी शांत वातावरण में कुँवर अमरनाथ अपनी पत्नी मनोरमा के साथ बैठे थे। अमरनाथ बुंदेलखंड जाने की तैयारी कर चुके थे, जहाँ … Read more