अधूरी दास्तां की पूर्णता

अधूरी दास्तां की पूर्णता

अधूरी दास्तां की पूर्णता part-1 मुंबई की भागती-दौड़ती जिंदगी में कभी-कभी ऐसा मोड़ आता है जहाँ सब कुछ रुक जाता है। मेरी कहानी भी कुछ वैसी ही थी। मेरा नाम अयान है, मैं एक फ्रीलांस ग्राफिक डिजाइनर हूँ, जो अक्सर मुंबई के उन कैफे में घंटों बैठकर काम करता है जहाँ शोर के बीच भी … Read more

उड़ान: अपने वजूद की तलाश

उड़ान: अपने वजूद की तलाश

उड़ान: अपने वजूद की तलाश part-1 मुंबई की भागती-दौड़ती जिं दगी में, जहाँ वक़्त का पहिया कभी थमता नहीं, दिव्या एक ऐसी घड़ी की तरह थी जो हमेशा सही समय बताने की कोशिश में खुद को घिस रही थी। नरीमन पॉइंट की एक प्रतिष्ठित एडवरटाइजिंग एजेंसी में क्रिएटिव डायरेक्टर के तौर पर काम करते हुए, … Read more

मिट्टी से शिखर तक: रोशनी की उड़ान

मिट्टी से शिखर तक

मिट्टी से शिखर तक part-1 लखनऊ के एक छोटे से मोहल्ले की तंग गलियों में, जहाँ धूप भी बड़ी मुश्किल से अपना रास्ता बनाती थी, रोशनी का बचपन बीता था। उसके पिता एक मामूली दर्जी थे और माँ दूसरों के घरों में काम करके घर का खर्च चलाती थी। रोशनी का नाम उसके घर में … Read more

सुनहरी यादें

सुनहरी यादें

सुनहरी यादें part-1 शिवेंद्र, दीपक और अनुज, ये तीनों नाम दसवीं कक्षा के गलियारों में किसी पहचान के मोहताज नहीं थे। तीनों एक ही बेंच पर बैठते थे, लेकिन तीनों की दुनिया अपनी-अपनी धुरी पर घूमती थी। शिवेंद्र के पिता डॉक्टर थे, जो उम्मीद करते थे कि उनका बेटा भी ‘नीट’ की तैयारी में दिन-रात … Read more

यादों का कारवां

यादों का कारवां

यादों का कारवां part-1 लंदन की ठंडी और धुंध भरी हवाओं में पिछले सात साल बिताने के बाद, जब अद्वैत ने दिल्ली एयरपोर्ट की गर्म और उमस भरी हवा में सांस ली, तो उसे लगा जैसे वह किसी दूसरी दुनिया में उतर आया है। उसके हाथ में एक महंगा लेदर का सूटकेस था, जिसमें उसके … Read more

वो धुंधली रात और अधूरी चिट्ठी

वो धुंधली रात और अधूरी चिट्ठी

वो धुंधली रात और अधूरी चिट्ठी part-1 हम पाँचों—शाश्वत, अंजलि, करण, सुष्म और अंतरा—बचपन से ही इस छोटे से कस्बे की गलियों में साथ पले-बढ़े थे। हमारी दोस्ती किसी फिल्मी कहानी जैसी नहीं थी, बल्कि यह उन टूटी हुई साइकिलों, गर्मियों की दोपहर में चोरी की हुई आम की मिठास, और स्कूल के पीछे वाली … Read more