राख का फूल और बहती गंगा

राख का फूल और बहती गंगा

राख का फूल और बहती गंगा part-1 गाज़ीपुर की सुबहों में एक अजीब सा ठहराव होता है, जहाँ गंगा की लहरें घाटों से इस तरह टकराती हैं जैसे कोई पुराना दोस्त कान में धीमे से कोई राज़ कह रहा हो। राघव अपने घर की छत पर खड़ा होकर अक्सर इसी मंज़र को देखा करता था, … Read more

अवनि की दास्तां

अवनि की दास्तां

अवनि की दास्तां part-1 यह कहानी केरल के एक छोटे से तटीय गांव मुंडकयम की है, जहां समंदर की लहरें रोज़ सुबह सूरज की पहली किरण के साथ साहिल से टकराती थीं। इसी गांव के एक बेहद साधारण और गरीब मछुआरे परिवार में अवनि का जन्म हुआ था, जिसके पिता भास्करन रोज़ अपनी जर्जर नाव … Read more

कंक्रीट के जंगल

कंक्रीट के जंगल

कंक्रीट के जंगल part-1 सत्रह साल की उम्र में जब कबीर ने अपने छोटे से शहर आजमगढ़ को अलविदा कहा था, तो उसकी आँखों में दिल्ली के बड़े कॉलेजों के सुनहरे सपने और जेब में पिता की जीवन भर की जमा-पूंजी थी। उसे लगता था कि वह कोई असाधारण प्रतिभा है, जिसे बस एक बड़े … Read more