परछाइयों का कोलाहल | परिवार के काले रहस्य और मिटाई गई यादों की कहानी |

परछाइयों का कोलाहल

परछाइयों का कोलाहल-Part 1 गोवा की ढलती शाम अमूमन सैलानियों के लिए एक हसीन ख्वाब जैसी होती है, लेकिन उस समुद्र तटीय पुराने विला के बंद कमरों में पसरी खामोशी कुछ और ही बयां कर रही थी। समंदर की लहरों का शोर जब पथरीले किनारों से टकराता, तो ऐसा लगता मानो कोई सदियों पुराना राज … Read more

रक्त और राख | प्यार, धोखा और खौफनाक बदला |

रक्त और राख

रक्त और राख Part 1 आदित्य मेहरा दिल्ली की एक बड़ी टेक कंपनी में लीड सॉफ्टवेयर आर्किटेक्ट था, जो स्वभाव से बेहद सीधा और अपने काम से प्यार करने वाला इंसान था। उसकी जिंदगी में सब कुछ परफेक्ट चल रहा था जब उसकी मुलाकात कायरा से हुई, जो उसी के डिपार्टमेंट में एक नई प्रोजेक्ट … Read more

बोगानगाइ का रक्षक

बोगानगाइ का रक्षक

बोगानगाइ का रक्षक Part-1 सन् 1450 के असम का एक छोटा सा गाँव, जिसे लोग ‘बोगानगाइ’ कहते थे, घने और रहस्यमयी जंगलों से घिरा हुआ था। वहाँ की सुबह हमेशा एक अजीब सी धुंध और पक्षियों की चीखों के साथ शुरू होती थी। गाँव के लोग अपनी सुरक्षा के लिए एक दिव्य पुरुष यानी एक … Read more

टूटा हुआ आईना

टूटा हुआ आईना

टूटा हुआ आईना Part-1 बनारस की तंग गलियों के बीच स्थित ‘शांति कुंज’ हवेली अपनी पुरानी दीवारों में कई पीढ़ियों के राज समेटे खड़ी थी। यह हवेली जितनी बाहर से शांत दिखती थी, अंदर से उतनी ही उथल-पुथल से भरी थी। परिवार के मुखिया, पंडित दीनानाथ, जो पूरे शहर में अपनी ईमानदारी के लिए जाने … Read more

टूटे हुए मौसमों के बाद – अनन्या और आरव की भावुक प्रेम कहानी, विश्वास और रिश्तों की यात्रा

टूटे हुए मौसमों के बाद

टूटे हुए मौसमों के बाद Part-1 दिल्ली की सर्द शामों में एक अजीब-सी खामोशी होती है, जैसे शहर लाखों आवाज़ों के बीच भी अपने कुछ राज़ छिपाकर रखता हो। उसी शहर में रहने वाली अनन्या भी अपने भीतर कई राज़ दबाए हुए थी। बाहर से वह आत्मविश्वासी, हंसमुख और सफल पत्रकार दिखाई देती थी, लेकिन … Read more

सिंदूरी हवेली का अंतिम दीप – मृणालिनी और आर्यदीप के अधूरे प्रेम और बिछड़ने की दर्दनाक कहानी

सिंदूरी हवेली का अंतिम दीप

सिंदूरी हवेली का अंतिम दीप Part-1 सन् 1960 का बंगाल अपने भीतर एक अजीब-सी शालीनता समेटे हुए था। कोलकाता की चौड़ी सड़कों पर ट्रामें अपनी धीमी लय में चलती थीं, पुराने ज़मींदार घरानों की प्रतिष्ठा अब भी लोगों के मन में जीवित थी, और संगीत, साहित्य तथा संस्कृति जीवन का अभिन्न हिस्सा माने जाते थे। … Read more