अनकहा दर्द – एकतरफा प्यार,अधूरी मोहब्बत

अनकहा दर्द

अनकहा दर्द Part 1 बंगलुरु की तकनीकी दुनिया अपने आप में एक अलग ही रफ्तार से चलती है, जहाँ हर कोई अपने सपनों की कोडिंग को सुलझाने में मसरूफ रहता है। इसी शहर के एक नामी टेक पार्क की गगनचुंबी इमारत की सातवीं मंजिल पर स्थित ‘इन्फिनिटी सॉल्यूशंस’ के दफ्तर में कबीर पिछले दो साल … Read more

विश्वास की राख से पुनर्जन्म

विश्वास की राख से पुनर्जन्म

विश्वास की राख से पुनर्जन्म part-1 आगरा की तपती दोपहरी में यमुना किनारे बसा ‘पांडेय निवास’ बाहर से जितना भव्य और शांत दिखता था, उसके भीतर का सन्नाटा उतना ही भारी था। हवेली के मुख्य दीवान पर बैठे सदानंद पांडेय अपनी कांपती उंगलियों से माला फेर रहे थे, लेकिन उनका ध्यान मंत्रों पर नहीं, बल्कि … Read more

रेत की घड़ियाँ – दर्द और धोखा

रेत की घड़ियाँ

रेत की घड़ियाँ part-1 लंदन की सर्द हवाएँ जब किसी की रूह को छूती हैं, तो वे केवल त्वचा को नहीं कँपातीं, बल्कि यादों की उन परतों को भी खुरच देती हैं जिन्हें हम बरसों पहले बर्फ की चादर के नीचे दबा चुके होते हैं। कबीर अपनी बालकनी में खड़ा होकर टेम्स नदी के काले … Read more

कांच के टुकड़े – प्यार और भरोसा

कांच के टुकड़े

कांच के टुकड़े Part-1 महानगरों की सुबह अक्सर किसी अलार्म की कर्कश आवाज़ से नहीं, बल्कि एक अनकही दौड़ की सुगबुगाहट से शुरू होती है। दिल्ली की रफ्तार में हर कोई अपनी मंज़िल की तरफ इस कदर भाग रहा होता है कि बगल से गुज़रते इंसान का चेहरा याद रखना भी मुहाल हो जाता है। … Read more

कांच के घरौंदे: सिमटती सांसें, बिखरते ख्वाब | भरोसे के टूटने और आत्मसम्मान की कहानी

कांच के घरौंदे: सिमटती सांसें

कांच के घरौंदे: सिमटती सांसें part- 1 शिमला की सर्द हवाओं में एक अजीब सी खामोशी घुली हुई थी, जो मॉल रोड की चहल-पहल के बीच भी अरमान के दिल को चीर रही थी। आसमान से गिरते बर्फ के फाहे मानो उसके गुनाहों के बोझ को ढकने की नाकाम कोशिश कर रहे थे, लेकिन उसके … Read more