इश्क और एम्बिशन

इश्क और एम्बिशन

इश्क और एम्बिशन part-1 गुड़गाँव की चिलचिलाती धूप और साइबर हब की ऊंची इमारतों के बीच स्थित ‘रॉयल इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट’ (RIM) में लाइफ कुछ अलग ही रफ्तार से चलती थी। यहाँ के गलियारों में हवाओं में मंहगे परफ्यूम और एम्बिशन की खुशबू घुली रहती थी, जहाँ हर दूसरा छात्र भविष्य का सफल उद्यमी बनने … Read more

एकतरफा इश्क़,वो किसी और की हो गई…

एकतरफा इश्क़

एकतरफा इश्क़ part-1 सचिन के लिए दौड़ना सिर्फ़ एक खेल नहीं था, बल्कि अपनी अंतरात्मा से बात करने का एक ज़रिया था। यूनिवर्सिटी के सिंथेटिक ट्रैक पर जब उसके जूते पड़ते थे, तो दुनिया की सारी आवाज़ें पीछे छूट जाती थीं। लेकिन पिछले दो सालों से उस ट्रैक पर एक ऐसी आवाज़ गूंज रही थी, … Read more

टूटते धागे, जुड़ते अहसास

टूटते धागे, जुड़ते अहसास

टूटते धागे, जुड़ते अहसास part-1 उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर शहर की सिविल लाइंस कॉलोनी में स्थित ‘मिश्रा निवास’ बाहर से जितना शांत दिखता था, भीतर से उसकी दीवारें उतनी ही भारी खामोशी से घिरी थीं। इस घर के मुखिया, रामशंकर मिश्रा, पीडब्ल्यूडी विभाग में एक कड़क और ईमानदार प्रशासनिक अधिकारी थे, जिनकी हर बात पत्थर … Read more

सुलगती राख: खौफनाक राज़

सुलगती राख

सुलगती राख part-2 श्रीनगर की वादियों में जब सर्दियों की पहली बर्फ़बारी हुई, तो समर को लगा कि उसका अतीत भी इस सफ़ेद चादर के नीचे हमेशा के लिए दफ़्न हो जाएगा। वह दिल्ली की भागदौड़ भरी ज़िंदगी और अपनी ज़हन में गूंजती अजीब आवाज़ों से तंग आकर अपनी पुश्तैनी हवेली ‘काली कोठी’ वापस लौटा … Read more

सच्चा विश्वासघात: अरबपति बना भिखारी!

सच्चा विश्वासघात

सच्चा विश्वासघात part-1 विक्रमजीत सिंह का नाम कभी इस महानगर के रियल एस्टेट और कंस्ट्रक्शन जगत में ईमानदारी और अटूट प्रतिबद्धता का पर्याय माना जाता था। उन्होंने शून्य से शुरुआत करके अपने खून-पसीने से ‘रुद्र कंस्ट्रक्शन्स’ नामक एक विशाल व्यावसायिक साम्राज्य की स्थापना की थी। विक्रमजीत का सिद्धांत सरल था—गुणवत्ता से कभी समझौता न करना … Read more

एक अधूरी दास्तान:खौफनाक रहस्य

एक अधूरी दास्तान

एक अधूरी दास्तान Part-1 आकाश अपनी खिड़की से बाहर देखते हुए चाय की चुस्की ले रहा था, जहाँ नेपाल की पहाड़ियों पर कोहरा धीरे-धीरे उतर रहा था। काठमांडू की यह ठंडी सुबह हमेशा की तरह बेहद शांत और सुकून देने वाली थी, जो उसके मन को एक अजीब सी तसल्ली दे रही थी। पिछले कुछ … Read more