अग्नि-समाधि — मुंशी प्रेमचंद

अग्नि-समाधि

मुंशी प्रेमचंद हिंदी साहित्य के महान कहानीकार और उपन्यासकार थे, जिन्होंने समाज की सच्चाइयों, गरीबी, किसानों की पीड़ा और नैतिक मूल्यों पर आधारित अनेक प्रेरणादायक कहानियाँ लिखीं। उनकी लेखनी सरल लेकिन गहरी होती थी। उनकी चुनिंदा सीख देने वाली कहानियाँ आज हम आपके सामने प्रस्तुत कर रहे हैं, जो जीवन को समझने की नई दृष्टि … Read more

अंधेर — मुंशी प्रेमचंद

अंधेर

अंधेर — मुंशी प्रेमचंद नागपंचमी का दिन था। साठे गाँव में सुबह से ही उत्साह और उमंग का माहौल था। जवान लड़के रंग-बिरंगे जांघिए पहनकर अखाड़े की ओर जा रहे थे। ढोल की तेज आवाजें पूरे गाँव में गूँज रही थीं। औरतें घरों को गोबर से लीपकर पूजा की तैयारी कर रही थीं और गीत … Read more

अमावस्या की रात— मुंशी प्रेमचंद

अमावस्या की रात्रि

अमावस्या की रात्रि — मुंशी प्रेमचंद दीवाली की जगमगाती रात थी। पूरा श्रीनगर दीपों की रोशनी से चमक रहा था, लेकिन उसी नगर में पंडित देवदत्त का विशाल सतधारा भवन अंधकार में डूबा खड़ा था। कभी यह हवेली वैभव और सम्मान का प्रतीक थी, पर अब खंडहर बन चुकी थी। दीवारें टूट रही थीं, आँगन … Read more

अलंकार — तपोभूमि का रहस्य: मुंशी प्रेमचंद

अलंकार

अलंकार — तपोभूमि का रहस्य: मुंशी प्रेमचंद नील नदी के शांत किनारों पर उन दिनों दूर-दूर तक तपस्वियों की छोटी-छोटी कुटियाएँ बसी हुई थीं। कहीं मिट्टी की झोंपड़ियाँ थीं, कहीं पत्थरों से बने मठ और कहीं सलीब से सजे गिरजाघर। हर तपस्वी एकांत में रहकर कठोर साधना करता था, पर आवश्यकता पड़ने पर सब एक-दूसरे … Read more

आत्माराम — मुंशी प्रेमचंद (पुनर्लेखन)

आत्माराम

आत्माराम — मुंशी प्रेमचंद (पुनर्लेखन) वेदों नाम के गाँव में महादेव नाम का एक बूढ़ा सोनार रहता था। गाँव में उसका बड़ा नाम था, क्योंकि वह सुबह से शाम तक अपनी छोटी-सी दुकान में बैठकर गहनों पर हथौड़ी चलाता रहता था। उसकी अँगीठी से उठती आग और लगातार “खट-खट” की आवाज पूरे मोहल्ले में गूँजती … Read more

आधार — मुंशी प्रेमचंद (पुनर्लेखन)

मुंशी प्रेमचंद

आधार — मुंशी प्रेमचंद (पुनर्लेखन) मथुरा पूरे गाँव का सबसे बलवान और सुंदर युवक माना जाता था। उसकी उम्र लगभग बीस वर्ष थी और शरीर इतना गठीला था कि लोग उसे देखकर दंग रह जाते थे। वह सुबह गायें चराने जाता, खूब दूध पीता, अखाड़े में कसरत करता और कुश्ती लड़ता था। खाली समय में … Read more