नीले आसमान के सोशल फिल्टर

नीले आसमान के सोशल फिल्टर

नीले आसमान के सोशल फिल्टर part-1 समीर के कमरे की खिड़की से सुबह की पहली धूप जब उसकी स्टडी टेबल पर रखी भारी-भरकम किताबों पर पड़ती थी, तो उसे एक अजीब सी घबराहट महसूस होने लगती थी। सत्रह साल की उम्र में जहां जिंदगी को खुलकर सांस लेनी चाहिए थी, वहां समीर हर दिन अपनी … Read more

ढलती दोपहरें

ढलती दोपहरें

ढलती दोपहरें part-1 पवन को हमेशा से लगता था कि अठारह का होते ही ज़िंदगी अचानक से किसी सिनेमा के पर्दे जैसी रंगीन और साफ़ हो जाएगी। लेकिन दिल्ली के एक तंग किराए के कमरे में, उमस भरी दोपहर को सीलिंग फैन की चरचराहट सुनते हुए, उसे अहसास हुआ कि वयस्कता कोई जादुई दरवाज़ा नहीं, … Read more

अधूरी मोहब्बत

अधूरी मोहब्बत

अधूरी मोहब्बत part-1 यह कहानी मेरी ज़िंदगी के उस हिस्से की है जिसे मैंने सालों तक अपने दिल के सबसे गहरे कोने में छुपा कर रखा था। मेरा नाम आरव है और आज मैं अपनी ज़िंदगी की उस सबसे बड़ी भूल और एहसास को कबूल करने जा रहा हूँ जिसने मुझे पूरी तरह बदल दिया। … Read more

एक दमघोटू दास्तान

एक दमघोटू दास्तान

एक दमघोटू दास्तान Part-1 हरियाणा के एक छोटे लेकिन तेजी से विकसित होते शहर के बाहरी इलाके में बने एक आलीशान फार्महाउस की खिड़की से बाहर देखते हुए मीरा अक्सर खुद से यही सवाल पूछती थी कि वह इस मखमली पिंजरे में कैसे कैद हो गई। बाहर जून की तपती धूप थी, लेकिन घर के … Read more

यादों के धागे

यादों के धागे

यादों के धागे part-1 कबीर, अयान, मीरा, राहुल और ज़ोया की दोस्ती कॉलेज के उन गलियारों में परवान चढ़ी थी जहाँ हवाओं में सिर्फ सपने और बेफिक्री तैरती थी। वे पाँचों एक-दूसरे से उतने ही अलग थे जितने इंद्रधनुष के रंग, लेकिन जब साथ होते तो एक मुकम्मल तस्वीर बन जाते थे। कबीर एक गंभीर … Read more

स्वाभिमान की चौखट

स्वाभिमान की चौखट

स्वाभिमान की चौखट part-1 दिल्ली के एक प्रतिष्ठित इलाके में स्थित ‘अग्निहोत्री निवास’ बाहर से जितना शांत और भव्य दिखता था, उसके भीतर की दीवारें उतनी ही गहरे पारिवारिक अंतर्द्वंद्वों की गवाह थीं। इस घर की रीढ़ थीं अलका अग्निहोत्री, जो अपने पारंपरिक मूल्यों, सख्त अनुशासन और पारिवारिक प्रतिष्ठा को ही जीवन का एकमात्र ध्येय … Read more