आप-बीती — मुंशी प्रेमचंद (पुनर्लेखन)

मुंशी प्रेमचंद

आप-बीती — मुंशी प्रेमचंद (पुनर्लेखन) साहित्य की दुनिया में जब किसी लेखक को पाठकों से प्रशंसा मिलने लगती है, तब उसके मन में एक अलग ही आनंद जन्म लेता है। साधारण जीवन जीने वाला लेखक भी उन पत्रों को पढ़कर स्वयं को महत्वपूर्ण समझने लगता है। गरीबी, परेशानियाँ और संघर्ष कुछ समय के लिए उसकी … Read more

इज़्ज़त का खून (कहानी) :मुंशी प्रेमचंद की कहानियां

मुंशी प्रेमचंद

इज़्ज़त का खून (कहानी) : मुंशी प्रेमचंद मैंने हमेशा किस्सों और इतिहास में तक़दीर के उलटफेर सुने थे, जहाँ कोई राजा भिखारी बन जाता है और कोई भिखारी राजा। लेकिन मेरे जीवन में जो हुआ, वह किसी भी कहानी से कहीं अधिक दर्दनाक और अविश्वसनीय था। आज जब मैं उन घटनाओं को याद करती हूँ … Read more

ईदगाह (कहानी) : मुंशी प्रेमचंद की कहानियां

मुंशी प्रेमचंद

ईदगाह (कहानी) : मुंशी प्रेमचंद ईद का दिन था। पूरे तीस रोज़ों के बाद जब ईद आई तो गाँव का दृश्य ही बदल गया। पेड़ों पर हरियाली और हवा में एक अलग ही ताजगी थी। खेतों में मानो नई जान आ गई हो। आसमान की लालिमा भी जैसे इस पवित्र त्योहार का स्वागत कर रही … Read more

एक्ट्रेस -मुंशी प्रेमचंद की कहानियां

मुंशी प्रेमचंद

एक्ट्रेस -मुंशी प्रेमचंद कहानी की शुरुआत एक भव्य रंगमंच से होती है, जहाँ प्रसिद्ध अभिनेत्री तारा देवी ने “शकुंतला” का इतना जीवंत अभिनय किया कि पूरा सभागार भावनाओं में डूब गया। दर्शक शिष्टता भूलकर मंच की ओर टूट पड़े—कोई फूल बरसा रहा था, कोई उसके चरणों में गिर रहा था। मैनेजर ने गर्व से घोषणा … Read more

तेनाली रमन की कहानियां-मुट्ठी भर अनाज

तेनाली रमन

तेनाली रमन की कहानियां-मुट्ठी भर अनाज विजयनगर साम्राज्य में विद्यालता नाम की एक धनी लेकिन अत्यंत घमंडी महिला रहती थी। वह अपनी बुद्धि पर बहुत घमंड करती थी और अक्सर लोगों को नीचा दिखाने की कोशिश करती थी। एक दिन उसने पूरे नगर में घोषणा कर दी कि जो भी व्यक्ति उसे तर्क या चालाकी … Read more

तेनाली रमन की कहानियां-अंतिम इच्छा

तेनाली रमन

तेनाली रमन की कहानियां-अंतिम इच्छा विजयनगर साम्राज्य के महान राजा कृष्णदेव राय अपनी माता से अत्यंत प्रेम करते थे। उनकी माता भी अपने पुत्र को बहुत स्नेह करती थीं और हमेशा उसके सुख और सफलता की कामना करती थीं। एक बार उनकी माता गंभीर रूप से बीमार पड़ गईं। राजमहल में वैद्य और चिकित्सक दिन-रात … Read more