दरकते रिश्ते: मिथिला की हवेली

दरकते रिश्ते

दरकते रिश्ते part-1 मिथिलांचल की गोद में बसा दरभंगा का वह पुराना पैतृक घर, जिसकी दीवारों पर समय की सिलवटें साफ़ देखी जा सकती थीं, आज भी अपनी गरिमा बचाए हुए था। आंगन के बीचों-बीच लगा वह बरगद का पेड़ न जाने कितनी पीढ़ियों के हंसी-मजाक और आंसुओं का गवाह रहा होगा। इसी हवेली में … Read more

अधूरी रागिनी: दर्दभरा ब्रेकअप

अधूरी रागिनी

अधूरी रागिनी Part-1 बनारस के घाटों पर सुबह की पहली किरण जब गंगा के पानी को सोने जैसा चमकाती है, तो ऐसा लगता है जैसे समय वहीं ठहर गया हो। अस्सी घाट की सीढ़ियों पर बैठा शिव अपनी धुन में मग्न होकर बांसुरी बजा रहा था। उसकी बांसुरी की धुन में वह दर्द था, जो … Read more

अतीत का साया: डरावना और रहस्यमयी

अतीत का साया

अतीत का साया part-1 रुद्रपुर गाँव के बाहरी छोर पर स्थित वह पुरानी हवेली सालों से सन्नाटे की चादर ओढ़े खड़ी थी, जिसे स्थानीय लोग ‘काली कोठी’ के नाम से पुकारते थे। देवव्रत अपने जीवन के तीस साल शहर में बिताने के बाद जब वापस लौटा, तो उसके पास केवल एक धुंधली याद थी और … Read more

प्रतिशोध की मौन गूँज

प्रतिशोध की मौन गूँज

प्रतिशोध की मौन गूँज part-1 रुद्र प्रताप सिंह के जीवन में सफलता की चमक वैसी ही थी जैसी किसी ढलते हुए सूरज की अंतिम और सबसे प्रखर किरण में होती है। बनारस के गंगा घाटों के समीप स्थित उनकी पुश्तैनी हवेली केवल पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि सदियों के मान-सम्मान और अटूट व्यावसायिक साम्राज्य की … Read more

कारागार: एक झूठी दुनिया का सच

कारागार

कारागार part-1 समीर ने सुबह सात बजे का अलार्म बजने से पहले ही अपनी आँखें खोल दी थीं। उसके सिर में एक हल्का सा दर्द था, जो पिछले कुछ दिनों से उसका लगातार पीछा कर रहा था। उसने खिड़की का परदा हटाया तो बाहर हल्की धुंध और गुनगुनी धूप का एक खूबसूरत मिश्रण दिखाई दिया। … Read more

रात की चीख – रहस्य और हत्या

रात की चीख

रात की चीख part-1 शिमला की वादियों में उस रात बर्फबारी उम्मीद से कहीं ज्यादा तेज थी। चारों तरफ सफेद चादर बिछी हुई थी और सर्द हवाएं पेड़ों से टकराकर एक डरावनी गूंज पैदा कर रही थीं। शहर के सबसे आलीशान और पुराने बंगले ‘सनसेट विला’ में एक भव्य पार्टी का आयोजन किया गया था। … Read more